नयी दिल्ली, 15 फरवरी (भाषा) दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खोदे गए गड्ढे में गिरने से जान गंवाने वाले 25 वर्षीय युवक के परिजनों ने रविवार को पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी स्थित घटना स्थल पर विरोध प्रदर्शन किया और न्याय, मुआवजे व दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
बैंक कर्मचारी कमल ध्यानी पांच और छह फरवरी की दरमियानी रात लगभग 15 फुट गहरे गड्ढे में गिर गए। उनके परिवार ने आरोप लगाया है कि खुदाई स्थल के आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था या बैरिकेड नहीं थे।
कमल ध्यानी के रिश्तेदार (जिनका नाम भी कमल ध्यानी है) ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा ‘हम कोई राय नहीं दे रहे हैं। यह हमारी मांग है। 25 वर्षीय एक युवक ने अपनी जान गंवाई है और परिवार को न्याय मिलना चाहिए।’
उन्होंने आधिकारिक लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि मृतक परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था।
उन्होंने कहा, ‘उनकी मृत्यु सरकार की लापरवाही के कारण हुई। उनके आश्रितों में से किसी एक को सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए, दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए और परिवार को नियमों के अनुसार उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए।’
एक अन्य प्रदर्शनकारी रेनू घिल्डियाल ने कहा कि परिवार को अभी तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है। उन्होंने कहा, ‘हम सिर्फ लड़के के लिए न्याय चाहते हैं। प्रशासन को अपनी गलती की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।’
उत्तराखंड के एक प्रवासी संगठन के प्रतिनिधि गोपाल सिंह ने दावा किया कि समय पर कार्रवाई होने से युवक की जान बच सकती थी। उन्होंने कहा, ‘अगर पुलिस और चिकित्सा सहायता समय पर पहुंच जाती तो उसकी जान बच सकती थी। यह घोर लापरवाही का मामला है।’
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के संबंध में सात लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया। अधिकारी ने कहा, ‘कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए घटनास्थल पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।’
भाषा शुभम रंजन
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