दिल्ली में बहुस्तरीय वित्तीय धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार
दिल्ली में बहुस्तरीय वित्तीय धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार
नयी दिल्ली, 29 अक्टूबर (भाषा) दिल्ली-एनसीआर में संचालित एक बहुस्तरीय वित्तीय धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि इनमें एक प्रमुख खाताधारक और उसके दो सहयोगी शामिल हैं, जो धोखाधड़ी वाले पीओएस लेनदेन के माध्यम से धन को वैध बनाने में शामिल थे।
उन्होंने बताया कि आरोपियों की पहचान जामिया नगर निवासी मोहम्मद इजहान और सरिता विहार स्थित एक पेट्रोल पंप पर काम करने वाले मनोज कुमार और नूर हसन के रूप में हुई है।
यह मामला दक्षिण दिल्ली में दर्ज एक साइबर धोखाधड़ी मामले की जांच के दौरान सामने आया, जिसे बाद में अपराध शाखा को सौंप दिया गया था।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘अभियान के पहले चरण के दौरान, 26 सितंबर को पुलिस ने इजहान के एक लाभार्थी खाते का पता लगाया, जिसमें धोखाधड़ी की राशि से 6.8 लाख रुपये प्राप्त हुए थे। एक हफ्ते तक निगरानी रखने के बाद, एक फर्जी अभियान चलाया गया और इजहान को जामिया नगर स्थित चौधरी डेयरी के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।’
पुलिस ने बताया कि उसने कथित तौर पर अपने फरार साथियों के कहने पर खाता खोलने और धोखाधड़ी से पीओएस आधारित नकदी निकासी करने की बात स्वीकार की है।
पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) लेनदेन में क्रेडिट या डेबिट कार्ड, मोबाइल वॉलेट आदि का इस्तेमाल होता है और सुरक्षा के लिए कीपैड पर पिन दर्ज करना पड़ सकता है।
दूसरे चरण में, इजहान से पूछताछ और लेनदेन के विश्लेषण के आधार पर, पुलिस ने दो सूत्रधारों मनोज कुमार और नूर हसन की पहचान की, जिन्होंने कथित तौर पर सरिता सर्विस स्थित ईंधन स्टेशन पर नकली पीओएस ईंधन बिक्री लेनदेन के जरिये डिजिटल धोखाधड़ी की आय को नकदी में परिवर्तित किया।
गहन तकनीकी, वित्तीय और डिजिटल विश्लेषण के बाद 24 अक्टूबर को दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों से 3.03 लाख रुपये बरामद किए, जिनमें सरिता विहार स्थित पीओएस टर्मिनल से जुड़े 2.13 लाख रुपये भी शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि यह गिरोह कई स्तरों पर काम करता था, पहले स्तर पर धोखाधड़ी वाले या लालच में आए व्यक्तियों का इस्तेमाल करके बैंक खाते खोले जाते थे, जबकि दूसरे स्तर पर फर्जी पीओएस लेनदेन के जरिए ठगी गई धनराशि का प्रबंधन किया जाता था।
पुलिस ने बताया कि फरार साथियों का पता लगाने और पैसों के लेन-देन का पूरा ब्यौरा जुटाने के लिए आगे की जांच जारी है।
भाषा तान्या मनीषा
मनीषा

Facebook


