बहुपक्षीय सैन्य अभ्यास स्वदेशी रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने का अवसर: अधिकारी
बहुपक्षीय सैन्य अभ्यास स्वदेशी रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने का अवसर: अधिकारी
उमरोई (मेघालय), 30 मई (भाषा) भारतीय सेना स्वदेशी रूप से निर्मित रक्षा उपकरणों का प्रदर्शन करने और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए मित्र देशों के साथ बहुपक्षीय सैन्य अभ्यासों के अवसर का लाभ उठा रही है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
यहां 13 देशों के सैन्य अभ्यास के समापन के अवसर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए, सेना डिजाइन ब्यूरो के अतिरिक्त महानिदेशक मेजर जनरल सी.एस. मान ने कहा, “भारतीय रक्षा उद्योग आत्मनिर्भर बनने की पहल, सरकारी प्रोत्साहन और तीनों सेनाओं, विशेषकर सेना, के ध्यान केंद्रित करने के कारण तेजी से बढ़ रहा है।”
उन्होंने कहा कि देश के रक्षा उपकरण उद्योग को घरेलू स्तर पर काफी अवसर मिल रहे हैं, लेकिन स्थानीय बाजार पर्याप्त नहीं है।
उन्होंने कहा, “हमें निर्यात बाजार पर कब्जा करना होगा। इसलिए, निर्यात को बढ़ावा देने के प्रयास में, हम मित्र देशों के साथ अभ्यास होने पर प्रदर्शनियों का आयोजन करते हैं।”
मेजर जनरल मान ने बताया कि इस तरह की प्रदर्शनियां उद्योग जगत को विदेशी प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करने और उपकरणों के बारे में अपनी बात रखने का मंच प्रदान करती हैं।
उन्होंने बताया कि इसी के अनुरूप, ‘प्रगति अभ्यास’ के तहत 51 उद्योग भागीदारों द्वारा रक्षा उपकरणों और प्रणालियों की एक प्रदर्शनी का आयोजन मेघालय के उमरोई सैन्य केंद्र में किया गया, जिसमें 12 देशों ने भाग लिया।
मेजर जनरल मान ने बताया कि भारतीय सेना के उप प्रमुख के साथ-साथ सभी अन्य देशों के उप प्रमुख स्तर के प्रतिनिधिमंडलों ने समापन समारोह में भाग लिया और प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
उन्होंने कहा कि परिधि सुरक्षा में लगे सिस्टम, निगरानी उपकरण, शस्त्र, गोला-बारूद, ड्रोन, रडार और ऑल-टेरेन वाहन आदि प्रदर्शन के लिए रखे गए थे।
भाषा प्रशांत पवनेश
पवनेश

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