केरल में मुस्लिम महिला पंचायत सदस्य ने किया हिंदू व्यक्ति का अंतिम संस्कार

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केरल में मुस्लिम महिला पंचायत सदस्य ने किया हिंदू व्यक्ति का अंतिम संस्कार

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  • Publish Date - June 27, 2026 / 03:35 PM IST,
    Updated On - June 27, 2026 / 03:35 PM IST

कासरगोड (केरल), 27 जून (भाषा) केरल के कासरगोड में एक मुस्लिम महिला पंचायत सदस्य ने परिवार द्वारा त्यागे गए एक हिंदू व्यक्ति का धार्मिक रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया। महिला के इस कदम की सोशल मीडिया पर बेहद सराहना की जा रही है।

नारायणन (64) मंजेश्वरम के चिगरुपदावु के रहने वाले थे और कैंसर से पीड़ित थे, पिछले एक माह से उनका इलाज कोझिकोड सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हो रहा था जहां बृहस्पतिवार को उनका निधन हो गया।

कासरगोड जिला पंचायत की विकास मामलों की स्थायी समिति की अध्यक्ष इरफाना इकबाल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि नारायणन लगभग एक महीने पहले यहां एक दुकान के बरामदे में मिले थे, वह बेहद कमजोर थे और ऐसा लग रहा था जैसे वह कई दिनों से भूख थे।

उन्होंने कहा कि वार्ड के एक सदस्य ने इसकी जानकारी दी, जिसके बाद उन्होंने जिलाधिकारी और जिला चिकित्सा अधिकारी को सूचित किया। स्थानीय धर्मार्थ संस्था के स्वयंसेवकों की मदद से उन्हें प्राथमिक उपचार देकर अस्पताल पहुंचाया गया।

इकबाल ने बताया कि शुरुआत में उन्हें ट्रस्ट द्वारा संचालित वृद्धाश्रम में स्थानांतरित करने की योजना थी, लेकिन उनकी स्थिति गंभीर थी और उन्हें चौथे चरण का कैंसर था, इसलिए उन्हें कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया।

उन्होंने बताया कि नारायणन की मौत होने पर पुलिस ने उनके परिजन को सूचना दी, लेकिन उन्होंने शव लेने से इनकार कर दिया। हालांकि, उन्होंने इरफाना इकबाल को शव लेने और अंतिम संस्कार करने की अनुमति दे दी।

इकबाल ने कहा, ‘‘हमने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार हिंदू श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया।’’

इरफाना इकबाल ने स्वयं उप्पाला के एक श्मशान घाट में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया संपन्न कराई। बुर्का पहन कर अंतिम संस्कार करतीं पंचायत सदस्य का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हो रहा है।

इरफाना इकबाल ने एक फेसबुक पोस्ट में लिखा, “कोई करीबी रिश्तेदार नहीं आया। मैंने नारायणन का अंतिम संस्कार एक बेटी की तरह किया। मानवता धर्म और राजनीति से ऊपर है।”

उन्होंने यह भी कहा कि वह आगे भी ऐसे बेसहारा बुजुर्गों की मदद करती रहेंगी।

उन्होंने बताया कि उनके समुदाय में इस बात पर कोई आपत्ति नहीं है, क्योंकि धर्मार्थ संस्था में रहने वाले अनाथ लोगों का अंतिम संस्कार उनके-अपने धर्मों के अनुसार किया जाता है।

इस बीच, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कासरगोड से लोकसभा सदस्य राजमोहन उन्नीथन ने फेसबुक पोस्ट में इकबाल को “जनसेवा के नए दौर का प्रतीक और उम्मीद की किरण” बताया।

उन्नीथन ने उनके इस काम को “नफरत के बाजार में प्यार की दुकान” खोलने जैसा करार दिया और उन्हें बधाई दी।

भाषा

शोभना प्रशांत

प्रशांत