एनएपीए ने केंद्र से करतारपुर गलियारे को अनिश्चितकाल तक बंद रखने पर पुनर्विचार करने की अपील की

एनएपीए ने केंद्र से करतारपुर गलियारे को अनिश्चितकाल तक बंद रखने पर पुनर्विचार करने की अपील की

एनएपीए ने केंद्र से करतारपुर गलियारे को अनिश्चितकाल तक बंद रखने पर पुनर्विचार करने की अपील की
Modified Date: August 1, 2026 / 03:41 pm IST
Published Date: August 1, 2026 3:41 pm IST

चंडीगढ़, एक अगस्त (भाषा) ‘नॉर्थ अमेरिकन पंजाबी एसोसिएशन’ (एनएपीए) ने शनिवार को केंद्र सरकार से करतारपुर गलियारे को अनिश्चितकाल तक बंद रखने के फैसले पर फिर से विचार करने की अपील करते हुए कहा कि लाखों सिख श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के बीच संतुलन बनाया जाना चाहिए।

एनएपीए के कार्यकारी निदेशक सतनाम सिंह चहल ने एक बयान में कहा कि इस गलियारे के लगातार बंद रहने से भारत में सिख तीर्थयात्रियों के साथ-साथ दुनिया भर में रहने वाले पंजाबियों और प्रवासी सिखों में निराशा है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहनी चाहिए, लेकिन करतारपुर गलियारे को अनिश्चितकाल के लिए बंद रखना कोई स्थायी समाधान नहीं होना चाहिए।

चहल ने केंद्र से अपील की कि वह उन सभी संभावित सुरक्षा, तकनीकी और कूटनीतिक उपायों पर विचार करे, जिनसे देश के सुरक्षा हितों की रक्षा होने के साथ-साथ गलियारा भी सुरक्षित रूप से खुला रहे।

चहल ने कहा, ‘‘करतारपुर साहिब गलियारा सिर्फ सीमा पार करने का रास्ता नहीं है। यह उन लाखों सिखों के लिए एक भावनात्मक और आध्यात्मिक जीवन-रेखा है, जो गुरु नानक देव की अंतिम विश्राम-स्थली, गुरुद्वारा दरबार साहिब में मत्था टेकना चाहते हैं।’’

उन्होंने कहा कि यह गलियारा शांति, आस्था और लोगों के बीच आपसी जुड़ाव का प्रतीक है तथा इसके लंबे समय तक बंद रहने से उन श्रद्धालुओं को भावनात्मक परेशानी हुई है, जिन्हें ऐतिहासिक तीर्थस्थल तक बिना किसी रुकावट के जाने की उम्मीद थी।

एसोसिएशन ने भारत और पाकिस्तान से गलियारे से जुड़े मुद्दों पर बातचीत जारी रखने की अपील की, ताकि श्रद्धालु सिख धर्म के सबसे पवित्र स्थलों में से एक के दर्शन से वंचित न रहें।

करतारपुर गलियारा पिछले साल सात मई से बंद है, जब भारतीय सशस्त्र बलों ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था।

विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा था कि केंद्र को सिख धार्मिक संगठनों से करतारपुर गलियारे को जल्द फिर से खोलने के लिए अनुरोध मिला है, लेकिन मौजूदा सुरक्षा हालात के कारण कॉरिडोर को ‘बंद’ रखना पड़ रहा है।

भाषा राजकुमार नेत्रपाल

नेत्रपाल


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