Chaturmas 2026 Date: सालों बाद ऐसा मौका आया! देवशयनी एकादशी पर बन रहा ये खास संयोग, अब 119 दिन तक रहेगा चातुर्मास… जानें इतिहास में कब रहा सबसे लंबा चातुर्मास?

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Chaturmas 2026 Date: देवशयनी एकादशी से चातुर्मास की शुरुआत मानी जाती है जब भगवान विष्णु योगनिद्रा में जाते हैं। इस अवधि में शुभ कार्यों पर रोक रहती है। लेकिन धार्मिक पूजा का महत्व बढ़ जाता है। चातुर्मास की अवधि हर साल बदलती है और यह आमतौर पर 117 से 149 दिनों तक हो सकती है।

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  • Publish Date - July 23, 2026 / 12:05 PM IST,
    Updated On - July 23, 2026 / 12:06 PM IST

(Chaturmas 2026 Date/ Image Credit: Facebook)

HIGHLIGHTS
  • 25 जुलाई से शुरू होगा चातुर्मास।
  • भगवान विष्णु 119 दिन योगनिद्रा में रहेंगे।
  • 20 नवंबर को देवउठनी एकादशी पर होगा समापन।

नई दिल्ली: Chaturmas 2026 Date: हर साल आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी से चातुर्मास (Chaturmas 2026 Date) की शुरुआत होती है। इसे चौमासा भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं और विश्राम करते हैं। चातुर्मास का समय पूजा-पाठ, जप, तप और साधना के लिए बेहद शुभ माना जाता है। वहीं इस दौरान शादी-ब्याह, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य मांगलिक कार्यों को रोक दिया जाता है।

इस साल 119 दिनों का रहेगा चातुर्मास

धार्मिक पंचांग के अनुसार, इस साल 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी मनाई जाएगी। इसी दिन से चातुर्मास शुरू (Chaturmas 2026 Date) होगा। इस दिन ब्रह्म योग, ऐन्द्र योग और शिववास योग का विशेष संयोग भी बन रहा है। इस बार भगवान विष्णु का शयनकाल कुल 119 दिनों का रहेगा। जिसका समापन 20 नवंबर को कार्तिक शुक्ल पक्ष की देवउठनी एकादशी के दिन होगा। मान्यता है कि इस दौरान किए गए धार्मिक कार्यों का फल कई गुना अधिक मिलता है।

हर साल क्यों बदलती है चातुर्मास की अवधि?

हालांकि चातुर्मास को चार महीने का समय माना जाता है लेकिन इसकी वास्तविक अवधि हर साल एक जैसी नहीं रहती। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, पंचांग में तिथियों के घटने-बढ़ने, चंद्रमा की गति और अधिकमास आने के कारण भगवान विष्णु के विश्राम की अवधि बदलती रहती है। पिछले 101 वर्षों में चातुर्मास की अवधि 117 से 149 दिनों के बीच रही है। साल 1926 से 2026 तक के आंकड़ों में इस बदलाव को देखा गया है।

1955 और 1982 में सबसे लंबा रहा चातुर्मास

पिछले 100 वर्षों के इतिहास में सबसे लंबा चातुर्मास (Chaturmas 2026 Date) साल 1982 और 1955 में रहा था। इन दोनों वर्षों में भगवान विष्णु का शयनकाल 149 दिनों तक चला था। इसकी वजह अधिकमास का पड़ना और तिथियों की अवधि बढ़ना माना जाता है। आंकड़ों के मुताबिक, 118 दिनों का चातुर्मास 32 बार, 119 दिनों का 26 बार और 117 दिनों का चातुर्मास 25 बार आया है। वहीं 149 दिनों का सबसे लंबा चातुर्मास केवल 1955 और 1982 में देखने को मिला।

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चातुर्मास कब से शुरू होता है?

चातुर्मास हर साल आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी से शुरू होता है।

चातुर्मास में कौन-कौन से काम वर्जित माने जाते हैं?

इस दौरान शादी-विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य मांगलिक कार्यों को करने से बचा जाता है।

इस साल चातुर्मास कितने दिनों का रहेगा?

इस साल चातुर्मास की अवधि 119 दिनों की रहेगी, जो 25 जुलाई से शुरू होकर 20 नवंबर तक चलेगी।

चातुर्मास में पूजा-पाठ का महत्व क्यों बढ़ जाता है?

मान्यता है कि भगवान विष्णु के योगनिद्रा काल में जप, तप, पूजा और साधना करने से विशेष फल प्राप्त होता है।