जयपुर, 12 मार्च (भाषा) जयपुर स्थित राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए) ने एक विशेष पॉडकास्ट स्टूडियो शुरू किया है, जहां विशेषज्ञ आयुर्वेदिक चिकित्सा, रोगों और उपचार पद्धतियों पर प्रामाणिक जानकारी देंगे।
अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य डिजिटल मंच पर आयुर्वेद से जुड़ी अधूरी या भ्रामक सामग्री के प्रसार को रोकना है। यह संभवतः देश के आयुष सरकारी संस्थानों में पहला पॉडकास्ट स्टूडियो है।
कुलपति प्रो. संजीव शर्मा ने बृहस्पतिवार को कहा कि यह स्टूडियो भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के मार्गदर्शन में स्थापित किया गया है, ताकि जनता को आयुर्वेद के बारे में विश्वसनीय और वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराई जा सके।
पिछले महीने संस्थान के स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान इस सुविधा का उद्घाटन केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने किया था। हाल में कुलपति ने एक पॉडकास्ट रिकॉर्ड किया है, जो अगले कुछ दिनों में ऑनलाइन उपलब्ध होगा।
ये एपिसोड एनआईए के सोशल मीडिया मंचों जैसे यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर जारी किए जाएंगे।
एक अधिकारी ने कहा, “आज सोशल मीडिया पर आयुर्वेदिक उपचार और दवाओं से जुड़ी बहुत सी जानकारी उपलब्ध है, लेकिन इनमें से अधिकांश प्रमाणित नहीं होती। लोग ऐसे वीडियो या पोस्ट देखकर सुझावों का पालन करने लगते हैं, जो कई बार भ्रामक साबित होते हैं।”
उन्होंने कहा कि नए पॉडकास्ट स्टूडियो में विषय विशेषज्ञों, अनुभवी आयुर्वेद चिकित्सकों और शोधकर्ताओं की चर्चाएं होंगी, जो आयुर्वेद के विभिन्न पहलुओं को संगठित और विश्वसनीय तरीके से समझाएंगे।
संस्थान के अनुसार, पॉडकास्ट में सामान्य बीमारियों, लक्षणों, निवारक स्वास्थ्य देखभाल, जीवनशैली और उपचार विकल्पों पर चर्चा होगी, जो स्थापित आयुर्वेदिक सिद्धांतों पर आधारित होगी।
एक अन्य विशेषज्ञ ने कहा, “यह मंच विशेषज्ञों को आयुर्वेद का विज्ञान समझाने, संदेह दूर करने और उन भ्रांतियों को मिटाने का अवसर देगा, जो अधूरी जानकारी के कारण ऑनलाइन फैलती हैं।”
भाषा बाकोलिया
शफीक राजकुमार
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