नेकां नेता मेहदी, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के प्रमुख लोन ने फारूक अब्दुल्ला पर हमले की निंदा की

नेकां नेता मेहदी, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के प्रमुख लोन ने फारूक अब्दुल्ला पर हमले की निंदा की

नेकां नेता मेहदी, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के प्रमुख लोन ने फारूक अब्दुल्ला पर हमले की निंदा की
Modified Date: March 12, 2026 / 08:44 am IST
Published Date: March 12, 2026 8:44 am IST

श्रीनगर, 12 मार्च (भाषा) नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के नेता एवं सांसद आगा रुहुल्लाह मेहदी और पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के प्रमुख सज्जाद लोन ने जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर हुए हमले की बृहस्पतिवार को निंदा की।

जम्मू के बाहरी इलाके ग्रेटर कैलाश में बुधवार रात को एक विवाह समारोह से निकलते समय 88 वर्षीय अब्दुल्ला उस वक्त बाल-बाल बच गए जब एक बंदूकधारी ने कथित तौर पर पीछे से उन पर गोली चला दी।

घटना के वक्त उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी के अलावा मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के सलाहकार नासिर असलम वानी भी फारूक अब्दुल्ला के साथ थे।

आरोपी की पहचान 63 वर्षीय कमल सिंह जामवाल के रूप में हुई है, जो जम्मू में पुरानी मंडी का निवासी है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसने पुलिस को बताया कि वह पिछले 20 साल से फारूक अब्दुल्ला को निशाना बनाने की ताक में था।

मेहदी ने अपने ‘फेसबुक’ हैंडल पर पोस्ट किया, ‘‘सांसद रुहुल्लाह मेहदी जम्मू में एक विवाह समारोह के दौरान डॉ. फारूक अब्दुल्ला और उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी पर गोली चलाने की घटना की कड़ी निंदा करते हैं।’’

श्रीनगर से लोकसभा सदस्य मेहदी ने कहा कि हिंसा की ऐसी घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों के साथ कानून के अनुसार सख्ती से निपटा जाना चाहिए। मेहदी का कई मुद्दों पर नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार से मतभेद रहा है।

हंदवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से विधायक लोन ने गोलीबारी की घटना की निंदा की।

लोन ने अपने ‘फेसबुक’ हैंडल पर लिखा, ‘‘डॉ. फारूक साहब, सुरिंदर चौधरी और नासिर असलम साहब पर हुई इस कायरतापूर्ण गोलीबारी की मैं कड़ी निंदा करता हूं। अल्लाह का शुक्र है कि वे सुरक्षित हैं।’’

कश्मीर के मीरवाइज उमर फारूक ने भी अब्दुल्ला पर हुए हमले की निंदा की और कहा कि इस घटना की गहन जांच होनी चाहिए।

मीरवाइज ने अपने ‘फेसबुक’ हैंडल पर पोस्ट किया, ‘‘जम्मू में एक समारोह में डॉ. फारूक अब्दुल्ला साहब पर हुए जानलेवा हमले की खबर चिंताजनक और निंदनीय है।’’

धार्मिक नेताओं ने इस बात की जांच की मांग की कि हमलावर गोलियों से भरी हुई बंदूक लेकर अब्दुल्ला के इतने करीब कैसे पहुंच गया।

मीरवाइज ने कहा, ‘‘यह जानकर राहत मिली कि वह बाल-बाल बच गए लेकिन कोई शख्स गोलियों से भरी बंदूक लेकर उनके इतने करीब पहुंच गया और उसने उन पर गोली चला दी, इसकी गहन जांच होनी चाहिए।’’

भाषा सुरभि सिम्मी

सिम्मी


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