नेकां ने दिल्ली के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए 52 नेताओं को पत्र लिखा

नेकां ने दिल्ली के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए 52 नेताओं को पत्र लिखा

नेकां ने दिल्ली के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए 52 नेताओं को पत्र लिखा
Modified Date: July 10, 2026 / 12:36 am IST
Published Date: July 10, 2026 12:36 am IST

श्रीनगर, नौ जुलाई (भाषा) नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) ने देशभर के राजनीतिक और धार्मिक संगठनों के 52 नेताओं को पत्र लिखकर उन्हें जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले पार्टी के प्रदर्शन में शामिल होने का निमंत्रण दिया है।

पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने यह पत्र लिखा है और इसकी प्रति मीडिया के लिए जारी की गई।

आमंत्रित नेताओं में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शामिल हैं। इनके अलावा क्षेत्रीय दलों के प्रमुख नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है, जिनमें एम. के. स्टालिन, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, मायावती, लालू प्रसाद यादव, शरद पवार, उद्धव ठाकरे, अरविंद केजरीवाल, वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी, के. चंद्रशेखर राव, असदुद्दीन ओवैसी और सुखबीर सिंह बादल शामिल हैं।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एवं तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के महासचिव डी. राजा और राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल को भी आमंत्रित किया गया है।

इनके अलावा भी कई नेताओं को आमंत्रित किया गया है।

निमंत्रण पत्र में अब्दुल्ला ने कहा कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर के लोगों के उत्थान के प्रति साझा जिम्मेदारी की भावना को ध्यान में रखते हुए उनसे संपर्क किया है।

उन्होंने कहा कि संघवाद का मुद्दा किसी एक पार्टी, व्यक्ति या क्षेत्र का मुद्दा नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘यह भारत के हर उस नागरिक का मुद्दा है, जो यह मानता है कि हमारी संवैधानिक व्यवस्था की विशेषता उस संतुलन में निहित है, जो यह एकता और विविधता के बीच स्थापित करती है।’’

उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक होगा।

अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘हमने मतपत्र, संविधान और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को चुना है, जिसका किसी न किसी रूप में हम सभी हिस्सा रहे हैं। हमारे साथ भी उसी सम्मान और गरिमा के साथ व्यवहार किया जाना चाहिए।’’

भाषा देवेंद्र शोभना

शोभना


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