एनसीबी दवा विक्रेताओं से डोला के संबंधों, उसकी तुर्किये की नागरिकता की योजनाओं की जांच कर रही

एनसीबी दवा विक्रेताओं से डोला के संबंधों, उसकी तुर्किये की नागरिकता की योजनाओं की जांच कर रही

एनसीबी दवा विक्रेताओं से डोला के संबंधों, उसकी तुर्किये की नागरिकता की योजनाओं की जांच कर रही
Modified Date: May 3, 2026 / 03:18 pm IST
Published Date: May 3, 2026 3:18 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

नयी दिल्ली, तीन मई (भाषा) हाल में तुर्किये से वापस लाए गए कथित अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्कर मोहम्मद सलीम डोला के नेटवर्क की जांच कर रहे जांच अधिकारियों को कुछ दवा विक्रेताओं और फार्मा डीलरों के साथ उसके संबंधों का पता चला है, जो डोला के इस अवैध अंतरराष्ट्रीय रैकेट की ‘‘मदद’’ कर रहे थे।

वैश्विक आतंकवादी दाऊद इब्राहिम का प्रमुख सहयोगी बताया जा रहा 59-वर्षीय आरोपी आठ मई तक मुंबई में स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) की हिरासत में रहेगा।

जांच से जुड़े अधिकारियों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ नेटवर्क के गुर्गे डोला को ‘मेफेड्रोन किंग’ के रूप में जानते हैं, क्योंकि कथित तौर पर उसे इस श्रेणी के मादक पदार्थ की तस्करी में महारत हासिल थी।

अधिकारियों ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर बताया कि डोला अपने गिरोह को चलाने के लिए कुछ दवा विक्रेताओं की मदद ले रहा था। इन संबंधों की जांच की जा रही है और इनमें से कुछ लोगों को जल्द पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।

उन्होंने दावा किया कि डोला ने तुर्किये में ‘हमजा’ और ‘अब्दुल’ जैसे छद्म नाम अपनाए थे और वह नागरिकता प्राप्त करने के लिए वहां कुछ अचल संपत्ति खरीदने की योजना बना रहा था।

ऐसी संभावना है कि संघीय मादक पदार्थ विरोधी एजेंसी तुर्किये के अधिकारियों से उसके निवास स्थान के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए कानूनी अनुरोध करेगी।

डोला को 28 अप्रैल को भारत लाया गया और गृह मंत्रालय ने उसी दिन बताया कि देश में मादक पदार्थों की तस्करी के कई मामलों में उसपर मुकदमा चल रहा था और वह भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों से बच रहा था।

गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘पिछले कई वर्षों में डोला ने पश्चिम एशिया, अफ्रीका और यूरोप के कई देशों में फैला एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह स्थापित कर लिया था।’’

मंत्रालय के अनुसार, ‘‘अपने दो दशक लंबे आपराधिक इतिहास में वह महाराष्ट्र और गुजरात में हेरोइन, चरस, मेफेड्रोन, मैंड्रेक्स और मेथम्फेटामाइन जैसे मादक पदार्थों की कई बड़ी मात्रा में जब्ती से जुड़े मामलों में प्रत्यक्ष रूप से शामिल था।’’

मेफेड्रोन को 4-मिथाइलमेथकैथिनोन, 4-एमएमसी और 4-मिथाइलएफेड्रोन के नाम से भी जाना जाता है। यह एक कृत्रिम नशीला पदार्थ है और इसे आम बोलचाल में ड्रोन, एम-कैट, व्हाइट मैजिक, ‘म्याऊ म्याऊ’ और बबल जैसे नामों से भी जाना जाता है।

आरोपी धाराप्रवाह हिंदी और मराठी बोल सकता है और उसे सलीम इस्माइल डोला के नाम से भी जाना जाता है।

भाषा सुरभि सुरेश

सुरेश


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