एनसीईआरटी ने सलाह जारी की: प्रतिबंधित पाठ्यपुस्तक लौटाएं, विवादित पाठ संबंधी ऑनलाइन सामग्री हटाएं

एनसीईआरटी ने सलाह जारी की: प्रतिबंधित पाठ्यपुस्तक लौटाएं, विवादित पाठ संबंधी ऑनलाइन सामग्री हटाएं

एनसीईआरटी ने सलाह जारी की: प्रतिबंधित पाठ्यपुस्तक लौटाएं, विवादित पाठ संबंधी ऑनलाइन सामग्री हटाएं
Modified Date: February 27, 2026 / 07:47 pm IST
Published Date: February 27, 2026 7:47 pm IST

नयी दिल्ली, 27 फरवरी (भाषा) राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने शुक्रवार को एक परामर्श जारी कर कहा कि जिन लोगों के पास ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ के अध्याय वाली आठवीं कक्षा की प्रतिबंधित पाठ्यपुस्तकें हैं, वे उन्हें जल्द से जल्द लौटाएं।

एनसीईआरटी ने कड़े शब्दों में जारी परामर्श में यह भी आह्वान किया है कि सोशल मीडिया पर साझा की गई प्रतिबंधित पाठ्यपुस्तकों के विवादास्पद अध्याय से जुड़ी सामग्री को तत्काल हटाया जाए।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को बृहस्पतिवार को पत्र लिखकर उनसे एनसीईआरटी की विवादास्पद पाठ्यपुस्तक का डिजिटल मंचों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए प्रसार रोकने को कहा था।

परामर्श में कहा गया है, ‘‘जिस किसी व्यक्ति या संगठन के पास एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तक ‘एक्सप्लोरिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड’ है, वह इसे (एनसीईआरटी) मुख्यालय में लौटा सकता है। ‘हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका’ अध्याय से संबंधित कोई भी सामग्री यदि सोशल मीडिया या किसी भी डिजिटल मंच पर साझा की गई है तो उसे यथाशीघ्र हटाया जाए।’’

इससे पहले, उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को एनसीईआरटी की आठवीं कक्षा की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक के भविष्य में किसी भी प्रकाशन, पुनर्मुद्रण या डिजिटल प्रसार पर ‘‘पूर्ण प्रतिबंध’’ लगा दिया था।

भाषा

सिम्मी पवनेश

पवनेश


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