व्याख्याता भर्ती में एससी को आरक्षण का लाभ न देने पर एनसीएससी ने पंजाब सरकार को नोटिस भेजा
व्याख्याता भर्ती में एससी को आरक्षण का लाभ न देने पर एनसीएससी ने पंजाब सरकार को नोटिस भेजा
नयी दिल्ली, पांच सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) ने शनिवार को पंजाब सरकार को एक नोटिस जारी किया। यह नोटिस व्याख्याता के पदों पर भर्ती प्रक्रिया में अनुसूचित जाति उम्मीदवारों को आरक्षण का लाभ न देने के आरोपों के संबंध में जारी किया गया है।
एनसीएससी ने एक बयान में कहा कि उसे इस मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सदस्य तरुण चुग से एक शिकायत मिली है।
चुग ने आयोग से शिकायत की थी कि पंजाब शिक्षा विभाग की ओर से निकाली गई व्याख्याता के 1,013 पदों की भर्ती प्रक्रिया में अनुसूचित जाति (एससी) उम्मीदवारों को आरक्षण का लाभ नहीं दिया गया।
आरोप लगाया गया था कि कई विषयों (पंजाबी, वाणिज्य, गणित, भौतिकी, अर्थशास्त्र, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, भूगोल आदि) में आरक्षण के नियमों और तय रोस्टर प्रणाली का ठीक से पालन नहीं किया गया था।
एनसीएससी के अध्यक्ष किशोर मकवाना ने कहा कि व्याख्याता के पदों पर भर्ती प्रक्रिया में एससी उम्मीदवारों को आरक्षण का लाभ न देना बहुत गंभीर मामला है।
आयोग एससी के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करने और सरकारी सेवाओं में आरक्षण के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मकवाना ने कहा कि आयोग न्याय सुनिश्चित करने के लिए कानून के अनुसार सभी जरूरी कदम उठाएगा।
एनसीएससी ने कहा कि उसने इस मामले की जांच करने का फैसला किया है।
बयान में कहा गया है कि इस मामले में पंजाब सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया गया है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे नोटिस मिलने के सात दिनों के भीतर आयोग को मामले से जुड़े तथ्य, आरोपों पर की गई कार्रवाई और सभी संबंधित रिकॉर्ड (जिसमें भर्ती की अधिसूचना और आरक्षण रोस्टर भी शामिल है) सौंपें।
इसमें कहा गया, आयोग ने कहा कि अगर तय समय के भीतर जवाब नहीं मिलता है, तो वह दीवानी अदालत की शक्तियों का इस्तेमाल कर सकता है और व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए समन जारी कर सकता है।
भाषा प्रशांत माधव पवनेश
पवनेश

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