ओडिशा के स्कूल में ‘बासी भोजन’ खाने से आदिवासी लड़की की मौत की जांच एनसीएसटी आयोग करेगा
ओडिशा के स्कूल में ‘बासी भोजन’ खाने से आदिवासी लड़की की मौत की जांच एनसीएसटी आयोग करेगा
भुवनेश्वर, 27 अप्रैल (भाषा) राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) ने कहा है कि वह ओडिशा के मयूरभंज जिले के एक सरकारी आवासीय विद्यालय में कथित तौर पर बासी भोजन खाने से कक्षा पांच की एक आदिवासी छात्रा की मौत और 100 से अधिक अन्य विद्यार्थियों के बीमार होने के मामले की जांच करेगा।
यह कदम राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) द्वारा घटना का स्वतः संज्ञान लेने के तीन दिन बाद उठाया गया है।
ओडिशा के अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति विकास, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग और मयूरभंज के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को लिखे पत्र में एनसीएसटी ने कहा है कि उसने संविधान के अनुच्छेद 338ए द्वारा प्रदत्त शक्तियों के तहत मामले की जांच करने का निर्णय लिया है।
एनसीएसटी निदेशक पी कल्याण रेड्डी ने 26 अप्रैल के पत्र में कहा, ‘‘आपसे अनुरोध है कि इस नोटिस की प्राप्ति के सात दिनों के भीतर उक्त आरोपों/मामलों से संबंधित तथ्यों और सूचनाओं के साथ-साथ की गई कार्रवाई को डाक द्वारा, व्यक्तिगत रूप से या संचार के किसी अन्य माध्यम से प्रस्तुत करें।’’
आयोग ने कहा कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर कोई उत्तर प्राप्त नहीं होता है, तो वह अनुच्छेद 338ए के तहत दीवानी न्यायालय की शक्तियों का प्रयोग कर सकता है और व्यक्तिगत रूप से या किसी अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से उसके समक्ष उपस्थित होने के लिए समन जारी कर सकता है।
इससे पहले, बीजू जनता दल के नेता प्रियब्रत माझी ने इस मामले में एनसीएसटी के हस्तक्षेप की मांग की थी।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने 24 अप्रैल को मयूरभंज के मुख्य सचिव, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर 14 अप्रैल को बासी खाना खाने के बाद एक लड़की की मौत और 100 से अधिक विद्यार्थियों के बीमार पड़ने के मामले में दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
मानवाधिकार आयोग ने कहा कि अगर मीडिया रिपोर्टें सही हैं, तो यह मामला मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला है। आयोग ने जांच की स्थिति और प्रभावित छात्रों की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में भी जानकारी मांगी है।
लगभग 67 गंभीर रूप से बीमार विद्यार्थियों को बारीपदा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि 41 अन्य को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, लेकिन एक 12 वर्षीय छात्रा की मौत हो गई।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राजस्व विभाग के मंडल आयुक्त द्वारा जांच कराने के आदेश दिए हैं, जबकि स्कूल के प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया गया है।
भाषा संतोष माधव
माधव

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