उच्च माध्यमिक स्तर तक पहुंचते-पहुंचते करीब 73 प्रतिशत छात्र छोड़ देते हैं पढ़ाई : रिपोर्ट
उच्च माध्यमिक स्तर तक पहुंचते-पहुंचते करीब 73 प्रतिशत छात्र छोड़ देते हैं पढ़ाई : रिपोर्ट
नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) शिक्षा का स्तर बढ़ने के साथ-साथ स्कूलों और छात्रों की संख्या में ‘भारी गिरावट’ पर चिंता जताते हुए एक संसदीय समिति ने कहा है कि देश में उच्च माध्यमिक स्तर तक पहुंचते-पहुंचते लगभग 73 प्रतिशत छात्र पढ़ाई छोड़ देते हैं।
यह जानकारी बुधवार को लोकसभा में पेश की गई प्राकलन समिति (2026-27) की 10वीं रिपोर्ट में की गई है।
समिति ने रेखांकित किया कि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के स्कूलों की तुलना में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के स्कूलों की संख्या बेहद कम है।
एकीकृत जिला शिक्षा सूचना प्रणाली (यूडीआईएसई) 2024-25 के आंकड़ों के हवाले से समिति ने कहा कि देश के कुल 10,92,671 सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में से प्राथमिक स्तर पर 9,11,032 स्कूल हैं, लेकिन उच्च माध्यमिक स्तर पर यह संख्या घटकर केवल 90,866 रह जाती है।
नामांकन के आंकड़ों पर गौर करें तो प्राथमिक कक्षाओं में 6.18 करोड़ से अधिक छात्र हैं, जो कक्षा 6 से 8 (उच्च प्राथमिक) में घटकर 4.08 करोड़, माध्यमिक में 2.36 करोड़ और उच्च माध्यमिक में महज 1.64 करोड़ रह जाते हैं।
समिति ने कहा, ’10 लाख से अधिक सरकारी स्कूलों में से अधिकांश केवल प्राथमिक स्तर के हैं और लगभग 73 प्रतिशत छात्र उच्च माध्यमिक की पढ़ाई पूरी करने से पहले ही स्कूल छोड़ देते हैं।’
‘ड्रॉप-आउट’ दर को रोकने के लिए समिति ने शिक्षा मंत्रालय से आग्रह किया है कि वह मौजूदा प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों को पूर्ण उच्च माध्यमिक स्कूलों में उन्नत करने को प्राथमिकता दे।
भाषा सुमित गोला
गोला

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