चीनी कानून के खिलाफ तिब्बतियों की शिमला में 24 घंटे की भूख हड़ताल
चीनी कानून के खिलाफ तिब्बतियों की शिमला में 24 घंटे की भूख हड़ताल
शिमला, 12 अगस्त (भाषा) शिमला में तिब्बती समुदाय के सदस्यों ने जातीय अल्पसंख्यकों की सांस्कृतिक पहचान खत्म करने के उद्देश्य से चीन में बनाए गए एक कानून को वापस लेने की मांग को लेकर बुधवार को 24 घंटे का अनशन शुरू किया।
‘जातीय एकता और प्रगति को बढ़ावा देने का कानून’ नामक यह चीनी कानून 1 जुलाई, 2026 को चीन में लागू किया गया था। यह चीन में कानूनी रूप से एक साझा राष्ट्रीय पहचान लागू करता है और राज्य की नीति को अल्पसंख्यकों की सांस्कृतिक पहचान खत्म करने की ओर मोड़ता है।
वैश्विक मानवाधिकार निकायों ने इस कानून की कड़ी आलोचना की है। उनका कहना है कि इसका इस्तेमाल तिब्बत और शिनजियांग जैसे क्षेत्रों में जबरन सांस्कृतिक पहचान मिटाने को उचित ठहराने के लिए किया जा सकता है।
‘तिब्बती महिला संघ’ की अगुवाई में विरोध प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों ने बताया कि अन्य स्थानों पर भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन के 49 दिन पूरे होने पर 20 अगस्त को एक कैंडल मार्च आयोजित किया जाएगा।
भाषा सुमित अमित
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