संसदीय समिति की सभी 65 शिक्षा बोर्ड के लिए एकीकृत नियामक ढांचे की सिफारिश
संसदीय समिति की सभी 65 शिक्षा बोर्ड के लिए एकीकृत नियामक ढांचे की सिफारिश
नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) नयी शिक्षा नीति के अनुरूप सभी 65 शिक्षा बोर्ड के कामकाज, मूल्यांकन मानदंड और साझा पाठ्यक्रम को मानकीकृत करने के लिए एक एकीकृत राष्ट्रीय नियामक ढांचा बनाने की सिफारिश एक संसदीय समिति ने की है।
यह सिफारिश ‘‘देश में सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने से संबंधित बजटीय एवं नीतिगत पहलुओं, जिसमें केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की समीक्षा भी शामिल है’’ विषय पर प्राक्कलन समिति (2026-27) की दसवीं रिपोर्ट (18वीं लोकसभा) का हिस्सा है। रिपोर्ट बुधवार को लोकसभा में पेश की गई।
समिति ने कहा कि भारत में 65 स्कूली शिक्षा बोर्ड कार्यरत हैं, जिन्हें राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर नियमित तथा मुक्त विद्यालयी बोर्ड में बांटा गया है।
रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘प्रमुख राष्ट्रीय स्तर के बोर्ड में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के तहत 27,000 से अधिक स्कूल, काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) के तहत 2,300 से अधिक स्कूल और राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान शामिल हैं।’’
इसमें कहा गया कि ‘‘राष्ट्रीय स्तर के बोर्ड के अलावा प्रत्येक राज्य में राज्य बोर्ड हैं तथा इंटरनेशनल बैकलॉरिएट (आईबी) और कैम्ब्रिज असेसमेंट इंटरनेशनल एजुकेशन (सीएआईई) जैसे अंतरराष्ट्रीय बोर्ड भी भारत में संचालित होते हैं।
समिति ने कहा कि जहां सीबीएसई और सीआईएससीई जैसे प्रमुख केंद्रीय बोर्ड हजारों स्कूलों में मजबूत गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था बनाए रखते हैं, वहीं कई राज्य और मुक्त विद्यालयी शिक्षा प्रणालियां अलग-अलग मूल्यांकन तंत्र, पाठ्यक्रम मानकों और संचालन क्षमता के साथ काम कर रही हैं।
समिति ने यह भी कहा कि निजी शिक्षा बोर्ड की स्थापना और विस्तार को नियंत्रित करने वाला महत्वपूर्ण नियामक तंत्र उपलब्ध नहीं है।
उसने कहा, ‘‘समिति का मानना है कि निगरानी की इस कमी से छात्रों के भविष्य और देशभर में माध्यमिक शिक्षा के मानकीकरण को सीधा खतरा हो सकता है।’’
समिति ने कहा कि इससे ‘‘विश्वविद्यालय और पेशेवर शिक्षा में सीट हासिल करने के लिए प्रतिस्पर्धा करने वाले छात्रों के ज्ञान में असमानता पैदा हो सकती है।’’
इसे देखते हुए समिति ने शिक्षा मंत्रालय को नयी शिक्षा नीति (एनईपी), 2020 के अनुरूप सभी 65 शिक्षा बोर्ड के कामकाज, मूल्यांकन मानदंड और साझा पाठ्यक्रम को मानकीकृत करने के लिए एक एकीकृत राष्ट्रीय नियामक ढांचा स्थापित करने की पुरजोर सिफारिश की।
समिति ने सिफारिश की कि अनधिकृत निजी स्कूल संस्थानों और बोर्ड की बढ़ती संख्या पर अंकुश लगाने के लिए मंत्रालय को किसी भी नये बोर्ड को मान्यता देने से पहले कड़ी एकल-खिड़की मंजूरी व्यवस्था अनिवार्य करनी चाहिए।
भाषा अमित
अमित

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