नीट रद्द होने से छात्रों में आक्रोश, अभ्यर्थियों ने कहा-‘बेहद निराशाजनक’
नीट रद्द होने से छात्रों में आक्रोश, अभ्यर्थियों ने कहा-‘बेहद निराशाजनक’
नयी दिल्ली, 12 मई (भाषा) नीट यूजी 2026 के रद्द किए जाने के बाद देशभर के अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी देखने को मिली है। छात्रों ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यक्षमता पर सवाल उठाए हैं और मांग की है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा का आयोजन एम्स-दिल्ली द्वारा कराया जाए।
एनटीए ने तीन मई को आयोजित मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट-यूजी-2026’ को इसका प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के मद्देनजर मंगलवार को रद्द करने की घोषणा की तथा सरकार ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को इन ‘अनियमितताओं’ की विस्तृत जांच करने का आदेश दिया।
मेडिकल कॉलेजों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के इच्छुक छात्रों की परीक्षा अब नए सिरे से आयोजित की जाएगी, जिसकी तिथियां अलग से अधिसूचित की जाएंगी। वार्षिक परीक्षा रद्द होने से उम्मीदवारों में निराशा और चिंता का माहौल है।
चिराग दिल्ली के 17 वर्षीय निखिल कुमार के लिए एनटीए के इस फैसले का मतलब उस अच्छे स्कोर की संभावना खो देना है, जिसकी उन्हें उम्मीद थी।
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मेरा अनुमानित स्कोर लगभग 540 था, जिससे मुझे अच्छे अंक मिलने की अच्छी संभावना थी। अब हमें अपनी तैयारी को पूरी तरह से बरकरार रखते हुए दोबारा परीक्षा देनी होगी।’’
कोलकाता की एक अन्य अभ्यर्थी मौमिता दास ने कहा कि यह घटनाक्रम उनके और उनके माता-पिता दोनों के लिए “बेहद निराशाजनक” है।
दास ने कहा, “नीट यूजी जैसी परीक्षा की तैयारी में बहुत त्याग करना पड़ता है। इसमें केवल मेरी ही नहीं, बल्कि मेरे माता-पिता की भी वर्षों की अनुशासित मेहनत शामिल है। जब सब कुछ बिखरता हुआ महसूस हो रहा हो, तब दोबारा उसी सोच के साथ तैयारी जारी रखना काफी मुश्किल होता है।’’
देहरादून के एक छात्र ने परीक्षा रद्द होने पर दुख जताते हुए कहा कि नीट की तैयारी में ‘‘कई रातों की नींद खराब करनी पड़ी।’’ छात्र ने कहा, ‘बहुत बुरा लग रहा है। हमने बहुत मेहनत की थी।’
शिमला में, नीट परीक्षा की तैयारी कर रहे एक छात्र की बहन सोनाक्षी पंडित ने नीट की साख पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, ‘‘परीक्षा प्रश्नपत्र की गोपनीयता सुनिश्चित करने में विफल रहने वाली एनटीए की अक्षमता का खामियाजा छात्रों को क्यों भुगतना चाहिए?’’
खुद नीट की तैयारी कर रहीं पंडित ने मांग की कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स)-दिल्ली द्वारा आयोजित की जाए।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने पिछले तीन वर्षों से अपने भाई को बहुत मेहनत करते देखा है। उसके नीट 2026 में 686 अंक प्राप्त करने की उम्मीद थी, जिसका अर्थ है कि वह हिमाचल प्रदेश में शीर्ष तीन में शामिल हो सकता था।’’
पंडित ने कहा कि 2024 में भी नीट का प्रश्नपत्र लीक हुआ था, लेकिन लगता है एनटीए ने उस घटना से कोई सबक नहीं सीखा।
कांग्रेस से संबद्ध ‘नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया’ (एनएसयूआई) ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) 2026 के कथित प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर मंगलवार को यहां शास्त्री भवन के समीप प्रदर्शन किया।
कांग्रेस की छात्र इकाई के कई सदस्य प्रदर्शन में भाग लेते हुए देखे गए, जिनके हाथों में ऐसे पोस्टर थे जिन पर लिखा था ‘प्रधानमंत्री ने समझौता किया, पेपर से समझौता हुआ’, ‘पेपर लीक, मोदी सरकार वीक’ और ‘डॉक्टर की डिग्री बिकाऊ हैं।’
भाषा आशीष माधव
माधव

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