नीट प्रश्नपत्र लीक: राजद सांसद ने प्रदर्शनकारियों पर ‘पुलिस बल’ प्रयोग के खिलाफ न्यायालय का रुख किया

नीट प्रश्नपत्र लीक: राजद सांसद ने प्रदर्शनकारियों पर ‘पुलिस बल’ प्रयोग के खिलाफ न्यायालय का रुख किया

नीट प्रश्नपत्र लीक: राजद सांसद ने प्रदर्शनकारियों पर ‘पुलिस बल’ प्रयोग के खिलाफ न्यायालय का रुख किया
Modified Date: July 27, 2026 / 10:08 pm IST
Published Date: July 27, 2026 10:08 pm IST

नयी दिल्ली, 27 जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राज्यसभा सदस्य मनोज कुमार झा ने नीट प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा कथित तौर पर अत्याधिक बल प्रयोग किए जाने के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध करते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया है।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने वकील फौजिया शकील की ओर से मामले की तुरंत सुनवाई करने की अपील पर इसे मंगलवार को सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई।

शकील ने कहा, ‘‘हमने बिहार में हुई गोलीबारी समेत पूरी जानकारी के साथ एक रिट याचिका दायर की है।’’ उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर कथित तौर पर एके-47 का इस्तेमाल किया।

पीठ ने कहा कि देश भर में परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस बल के अत्यधिक इस्तेमाल का आरोप लगाने वाली सभी याचिकाओं पर मंगलवार को सुनवाई होगी।

बिहार के सिवान जिले में ‘बिहार बंद’ के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की गोलीबारी में तीन लोग घायल हो गए। चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) का प्रश्नपत्र लीक होने के विरोध में ‘ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन’ (आइसा) ने यह बंद आहूत किया था, जो राज्य के कई हिस्सों में हिंसक हो गया था।

झा ने अपनी याचिका में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश देने का अनुरोध किया। उन्होंने शीर्ष अदालत से गुहार लगाई कि वह देश के अलग-अलग हिस्सों में, विशेषतौर पर 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की बर्बरता और जरूरत से ज़्यादा सख्त कार्रवाई के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दे। ये घटनाएं 20 जुलाई से 25 जुलाई के बीच हुई थीं।

राजद सांसद ने संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष जांच टीम (एसआईटी) से जांच कराने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इस एसआईटी में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) के समकक्ष पद की भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) की दो महिला अधिकारियों को इस एसआईटी में शामिल किया जाए।

झा ने कहा कि जांच की निगरानी उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश कर सकते हैं और जांच तीन महीने में पूरी की जानी चाहिए।

राजद सांसद की यह याचिका जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के नेतृत्व में छात्रों और संगठनों के विरोध प्रदर्शन के बाद आई है। इस प्रदर्शन में शिक्षा व्यवस्था में सुधार और तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे जैसी कई मांगें की गई थीं।

प्रधान के इस्तीफे सहित अन्य मांगें सरकार द्वारा माने जाने के बाद 25 जुलाई को कॉजपा ने अपना आंदोलन वापस ले लिया।

भाषा धीरज सुरेश

सुरेश


लेखक के बारे में