प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के बाद नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द, सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज की

प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के बाद नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द, सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज की

प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के बाद नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द, सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज की
Modified Date: May 12, 2026 / 09:41 pm IST
Published Date: May 12, 2026 9:41 pm IST

नयी दिल्ली, 12 मई (भाषा) मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट-यूजी-2026’ को प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के मद्देनजर मंगलवार को रद्द कर दिया गया। सरकार द्वारा “अनियमितताओं” की व्यापक जांच करने के निर्देश दिए जाने के बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की।

मेडिकल कॉलेजों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए परीक्षा आयोजित करने वाली राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने कहा कि नयी तिथियों की सूचना ‘‘अगले सात से दस दिनों’’ में दी जाएगी।

एनटीए ने तीन मई को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) आयोजित की थी।

परीक्षा रद्द होने से देशभर में मेडिकल अभ्यर्थियों में आक्रोश फैल गया। विद्यार्थियों ने एनटीए की क्षमता पर सवाल उठाए और मांग की कि परीक्षा एम्स-दिल्ली द्वारा आयोजित की जाए।

विपक्ष ने भी केंद्र सरकार पर प्रशासनिक विफलता, विद्यार्थियों के प्रति असंवेदनशीलता और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के संचालन में बार-बार हुई चूक का आरोप लगाते हुए निशाना साधा। उसने एनटीए में व्यापक सुधार की मांग भी की।

एनएसयूआई, एसएफआई और अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन भी किया।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने परीक्षा रद्द किये जाने के संबंध में मीडिया के सवालों का जवाब नहीं दिया, लेकिन एनटीए ने कहा कि यह बच्चों, उनके माता-पिता और संपूर्ण प्रणाली के लिए चिंता का विषय है।

सीबीआई ने शाम को भारतीय न्याय संहिता के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात तथा साक्ष्य नष्ट करने और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराधों और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024 के तहत मामला दर्ज किया।

एजेंसी ने विभिन्न स्थानों पर कई विशेष दलों को भेजा है और राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) से भी सामग्री एकत्र करेगी।

राजस्थान पुलिस के एसओजी ने दावा किया था कि परीक्षा से पहले विद्यार्थियों को कथित तौर पर दिये गये रसायन विज्ञान के एक ‘‘गेस प्रश्नपत्र’’ में लगभग 410 प्रश्न थे, जिनमें से लगभग 120 प्रश्न परीक्षा में आए थे।

महाराष्ट्र के नासिक में पुलिस ने नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने मामले में मंगलवार को एक व्यक्ति को हिरासत में लिया।

पुलिस उपायुक्त किरणकुमार चौहान ने कहा, ‘‘नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में एक व्यक्ति को हिरासत में लेने के लिए आज सुबह राजस्थान पुलिस से अनुरोध प्राप्त हुआ। उसी के अनुसार, नासिक पुलिस की अपराध शाखा की द्वितीय इकाई ने एक व्यक्ति को पकड़ा है।’’

उन्होंने कहा कि राजस्थान पुलिस की एक टीम उसे हिरासत में लेने के लिए यहां आयेगी।

एनटीए ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी एक बयान में कहा कि यह निर्णय पारदर्शिता बनाए रखने और राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में विश्वास को बरकरार रखने के लिए लिया गया है।

नीट यूजी 2026 परीक्षा तीन मई को भारत के 551 शहरों और अन्य देशों के 14 शहरों में आयोजित की गई थी। यह परीक्षा लगभग 23 लाख पंजीकृत परीक्षार्थियों के लिए आयोजित की गयी थी।

एजेंसी ने कहा कि प्राप्त सूचनाओं और कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा साझा किए गए निष्कर्षों के आधार पर यह स्पष्ट हो गया है कि ‘वर्तमान परीक्षा प्रक्रिया को जारी रखना उचित नहीं है।’

प्रश्न पत्र लीक के आरोपों के चलते नीट-यूजी 2026 को रद्द करने की जिम्मेदारी लेते हुए एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने मंगलवार को कहा कि फिर से परीक्षा का कार्यक्रम ‘‘अगले सात से दस दिन’’ के भीतर घोषित किया जाएगा।

प्रश्न पत्र लीक होने को ‘‘दुखद’’ बताते हुए सिंह ने कहा, ‘‘प्रश्न पत्र लीक होना तुरंत रूकना चाहिए। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हम इस स्थिति में पहुंच गए हैं। यह हमारे देश के बच्चों, उनके माता-पिता और संपूर्ण प्रणाली के लिए चिंता का विषय है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पता चला है कि परीक्षा प्रणाली में दो लाख से अधिक लोग शामिल थे। यह सभी संबंधित पक्षों के लिए बेहद दुखद है। जो कुछ भी हुआ है, उसकी जिम्मेदारी हम लेते हैं; यह गलत हुआ। हम इसे (नीट-यूजी 2026) रद्द कर रहे हैं और यह आश्वासन देते हुए इसे दोबारा आयोजित करने की तैयारी कर रहे हैं कि ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होंगी।’’

कई विपक्षी नेताओं ने एनटीए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए प्रवेश परीक्षाओं से जुड़े बार-बार होने वाले विवादों के लिए जवाबदेही की मांग की।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि ‘‘भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था’’ ने 22 लाख छात्रों के सपनों को कुचल दिया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का तथाकथित अमृतकाल ‘विषकाल’ बन गया है।

राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘नीट 2026 की परीक्षा रद्द हो गई। बाईस लाख से ज़्यादा छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को इस भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था ने कुचल दिया। किसी पिता ने कर्ज़ लिया, किसी मां ने गहने बेचे, लाखों बच्चों ने रात-रात भर जागकर पढ़ाई की और बदले में मिला- पेपर लीक, सरकारी लापरवाही और शिक्षा में संगठित भ्रष्टाचार।’’

उन्होंने दावा किया कि यह सिर्फ़ नाकामी नहीं, युवाओं के भविष्य के साथ अपराध है।

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि प्रश्न पत्र लीक होने की बार-बार हो रही घटनाओं से लाखों छात्र और उनके परिजन नाराज हैं।

उन्होंने दोबारा होने वाली परीक्षा की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने लिखा, “क्या गारंटी है कि परीक्षा दोबारा करवाने पर प्रश्नपत्र लीक नहीं होगा। इस समाचार से लाखों बच्चों और परिजनों के बीच भाजपा की भ्रष्टाचारी व्यवस्था के विरुद्ध बेहद आक्रोश और हताशा है।”

आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि नीट परीक्षा रद्द होने से प्रभावित विद्यार्थियों को बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करना होगा क्योंकि सरकार केवल आंदोलन की भाषा समझती है।

उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘नीट परीक्षा रद्द होने से प्रभावित सभी विद्यार्थियों के प्रति मेरी सहानुभूति है। मैं जानता हूं कि विद्यार्थी ऐसी परीक्षाओं के लिए कितनी मेहनत करते हैं। कोचिंग महंगी होती है और कई परिवार तो पैसे जुटाने के लिए अपने गहने तक गिरवी रख देते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं विद्यार्थियों से कहना चाहता हूं कि उन्हें सड़कों पर उतरना होगा। यह सरकार केवल जन आंदोलन की भाषा समझती है… केजरीवाल आपके साथ है।’’

तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य सागरिका घोष ने भी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि लाखों छात्रों के जीवन को ‘अव्यवस्था और चिंता’ में डाल दिया गया है।

उन्होंने जवाबदेही नहीं होने का आरोप लगाया और सरकार पर ‘दैनिक प्रशासन में अक्षम’ होने का आरोप लगाया।

माकपा के राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास ने कहा कि परीक्षाएं आयोजित कराने में बार-बार असफल होने से जनता का व्यवस्था में भरोसा कम हो रहा है।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि 23 लाख छात्रों के भविष्य के साथ एक बार फिर खिलवाड़ किया गया है।

पार्टी प्रवक्ता प्रियंका भारती ने इस विवाद को बिहार से जुड़े पहले के प्रश्न पत्र लीक के आरोपों से जोड़ा।

उन्होंने कहा, ‘‘जब 2024 में नीट प्रश्नपत्र लीक हुआ था, तब भी इसका संबंध बिहार से सामने आया था। एक बार फिर नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में बिहार के तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें एक एमबीबीएस डॉक्टर भी शामिल था।’’

भारती ने पूछा, ‘‘हर बार बिहार का नाम क्यों सामने आता है?’’

एनटीए के अनुसार, मई 2026 के सत्र में पंजीकृत उम्मीदवारों की जानकारी और चुने गए परीक्षा केंद्रों को पुनः आयोजित होने वाली परीक्षा में शामिल किया जाएगा।

एनटीए के बयान में कहा गया है, ‘‘नए पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होगी और कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा।’’

बयान के अनुसार विद्यार्थियों द्वारा भुगतान की गई फीस वापस कर दी जाएगी और परीक्षा एनटीए के आंतरिक संसाधनों का उपयोग कर पुनः आयोजित की जाएगी।

एनटीए ने रविवार को ‘एक्स’ पर पोस्ट किया था कि प्रश्न पत्रों को ‘जीपीएस-ट्रैकिंग’ वाले वाहनों में ले जाया गया था, जिन पर विशिष्ट, ‘ट्रेस’ करने योग्य ‘वॉटरमार्क’ लगे थे तथा परीक्षा केंद्रों की निगरानी एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से एआई-सहायता प्राप्त सीसीटीवी निगरानी के माध्यम से की गई थी।

एजेंसी के अनुसार, कथित कदाचार से संबंधित सूचनाएं परीक्षा के चार दिन बाद सात मई की शाम को प्राप्त हुईं जिसे आठ मई की सुबह ‘स्वतंत्र सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई’ के लिए केंद्रीय एजेंसियों को भेज दिया गया।

भाषा

देवेंद्र माधव

माधव


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