नीट-यूजी: एनटीए ने फर्जी या एआई से तैयार ओएमआर शीट पर दी चेतावनी, हो सकती है कानूनी कार्रवाई

Ads

नीट-यूजी: एनटीए ने फर्जी या एआई से तैयार ओएमआर शीट पर दी चेतावनी, हो सकती है कानूनी कार्रवाई

  •  
  • Publish Date - July 19, 2026 / 04:23 PM IST,
    Updated On - July 19, 2026 / 04:23 PM IST

नयी दिल्ली, 19 जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने नीट-यूजी 2026 के अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों के लिए परामर्श जारी करते हुए आगाह किया है कि अंकों में किसी भी प्रकार की विसंगति की शिकायत दर्ज कराते समय फर्जी या कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से तैयार की गई ओएमआर शीट जमा न करें।

एनटीए ने यह परामर्श ऐसे समय जारी किया है, जब उसने नीट-यूजी 2026 के अभ्यर्थियों के अपेक्षित और घोषित अंकों में अंतर संबंधी कई शिकायतों की समीक्षा की। जांच के दौरान एजेंसी ने पाया कि शिकायतों के साथ जमा की गई कई ओएमआर शीट फर्जी थीं या एआई की मदद से तैयार की गई प्रतीत होती हैं।

एनटीए ने परामर्श में कहा, ‘‘एजेंसी सभी शिकायतों की बारीकी से निगरानी और जांच कर रही है। जांच के लिए प्रस्तुत की गई कई ओएमआर शीट फर्जी या एआई से तैयार पाई गई हैं। ऐसे में अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे जांच के लिए केवल मूल ओएमआर शीट ही जमा करें। फर्जी या एआई से तैयार ओएमआर शीट जमा करने पर शिकायतकर्ता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।’’

चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) 2026 के परिणाम 16 जुलाई को घोषित किए गए थे, जिसमें 11.21 लाख अभ्यर्थियों ने अर्हता प्राप्त की है।

पेपर लीक के आरोपों के बीच एनटीए ने तीन मई को आयोजित परीक्षा को 12 मई को रद्द कर दिया था। मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) कर रहा है और दोबारा परीक्षा 21 जून को हुई थी।

पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर हुए विवाद के बाद केंद्र सरकार ने घोषणा की थी कि अब यह परीक्षा कागज-कलम के बजाय कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) के रूप में आयोजित की जाएगी।

भाषा आशीष प्रशांत

प्रशांत