एनईपी क्रियान्वयन स्थिति: 55 प्रतिशत विश्वविद्यालयों ने एनआईआरएफ में लिया हिस्सा, 56 प्रतिशत में चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम शुरू

एनईपी क्रियान्वयन स्थिति: 55 प्रतिशत विश्वविद्यालयों ने एनआईआरएफ में लिया हिस्सा, 56 प्रतिशत में चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम शुरू

एनईपी क्रियान्वयन स्थिति: 55 प्रतिशत विश्वविद्यालयों ने एनआईआरएफ में लिया हिस्सा, 56 प्रतिशत में चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम शुरू
Modified Date: July 9, 2026 / 08:00 pm IST
Published Date: July 9, 2026 8:00 pm IST

नयी दिल्ली, नौ जुलाई (भाषा) देश के केवल 55 प्रतिशत विश्वविद्यालयों ने सरकार की राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग रूपरेखा (एनआईआरएफ) में हिस्सा लिया, जबकि अब तक 56 प्रतिशत विश्वविद्यालयों ने चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। यह जानकारी वर्ष 2023-24 के लिए केंद्र के अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (एआईएसएचई) की रिपोर्ट से मिली है।

शिक्षा मंत्रालय ने बुधवार को वर्ष 2022-23 और 2023-24 के लिए एआईएसएचई रिपोर्ट जारी की।

एआईएसएचई के तहत देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों से वेब-आधारित ‘‘डेटा कैप्चर फॉर्मेट’’ (डीसीएफ) के माध्यम से विस्तृत जानकारी एकत्र की जाती है। संस्थान एआईएसएचई पोर्टल पर छात्र नामांकन, शिक्षक एवं कर्मचारी, बुनियादी ढांचा, परीक्षा परिणाम और अन्य संबंधित आंकड़े अपलोड करते हैं।

एआईएसएचई भारत में उच्च शिक्षा से संबंधित आधिकारिक आंकड़ों का प्रमुख स्रोत है और नीति निर्माण, योजना तैयार करने तथा क्षेत्र की निगरानी के लिए महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराता है।

रिपोर्ट के अनुसार, एआईएसएचई 2023-24 में 1,289 विश्वविद्यालय एवं विश्वविद्यालय-स्तरीय संस्थान, 48,246 महाविद्यालय और 15,221 स्वतंत्र संस्थान पंजीकृत थे। इनमें से 1,278 विश्वविद्यालय, 46,468 महाविद्यालय और 11,787 स्वतंत्र संस्थानों ने सर्वेक्षण में हिस्सा लिया।

एआईएसएचई में पंजीकृत विश्वविद्यालयों की संख्या 2019-20 के 1,043 से बढ़कर 2023-24 में 1,289 हो गई।

उच्च शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के विभिन्न पहलुओं की प्रगति और क्रियान्वयन पर नजर रखने के लिए एआईएसएचई ने पहली बार एनईपी मॉड्यूल के जरिए देश भर के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों से जानकारी इकट्ठा की है।

रिपोर्ट के अनुसार, केवल 55 प्रतिशत विश्वविद्यालयों ने राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग रूपरेखा में भाग लिया, जबकि 15 प्रतिशत विश्वविद्यालयों ने अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में हिस्सा लिया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 56 प्रतिशत विश्वविद्यालयों ने चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम शुरू कर दिए हैं, जबकि 58 प्रतिशत विश्वविद्यालयों ने स्नातक कार्यक्रमों के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या एवं क्रेडिट रूपरेखा (एनसीसीएफ) को अपनाया है।

रिपोर्ट के अनुसार, 65 प्रतिशत विश्वविद्यालयों ने अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ (आरडीसी) स्थापित किए हैं। वहीं, 41 प्रतिशत विश्वविद्यालयों में इंटर्नशिप प्रकोष्ठ, 58 प्रतिशत में उद्यमिता एवं नवाचार प्रकोष्ठ और केवल सात प्रतिशत में प्रशिक्षुता प्रकोष्ठ हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, 49 प्रतिशत विश्वविद्यालय शैक्षणिक कार्यक्रमों में बहु-प्रवेश एवं बहु-निकास (मल्टीपल एंट्री एवं एग्जिट) की सुविधा दे रहे हैं, जबकि 30 प्रतिशत विश्वविद्यालय भारतीय ज्ञान प्रणाली (आईकेएस) से संबंधित पाठ्यक्रम संचालित कर रहे हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, केवल चार प्रतिशत विश्वविद्यालय संयुक्त डिग्री कार्यक्रमों के लिए अन्य संस्थानों के साथ सहयोग कर रहे हैं, जबकि 26 प्रतिशत विश्वविद्यालयों का विदेशी संस्थानों के साथ सहयोग है।

रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023-24 में उच्च शिक्षा में कुल नामांकन बढ़कर लगभग 4.5 करोड़ हो गया।

भाषा अमित अविनाश

अविनाश


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