नेपाल में लापता पूर्व न्यायाधीश की तलाश के लिए प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग

नेपाल में लापता पूर्व न्यायाधीश की तलाश के लिए प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग

नेपाल में लापता पूर्व न्यायाधीश की तलाश के लिए प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
Modified Date: August 31, 2026 / 07:40 pm IST
Published Date: August 31, 2026 7:40 pm IST

चेन्नई, 31 अगस्त (भाषा) मद्रास बार एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) न्यायमूर्ति सूर्यकांत से नेपाल में लापता मद्रास उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश वी. शिवगणनम की तलाश एवं बचाव के लिए तत्काल कदम उठाने का अनुरोध किया है।

देश के सबसे पुराने बार संगठनों में शामिल मद्रास बार एसोसिएशन ने इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए सोमवार को कहा कि विनाशकारी बाढ़ के बाद न्यायमूर्ति शिवगणनम के 26 अगस्त से नेपाल में लापता होने और उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिलने की खबर है।

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि न्यायमूर्ति शिवगणनम तमिल तीर्थयात्रियों के एक समूह के साथ नेपाल की यात्रा पर थे, तभी यह आपदा आई।

मद्रास बार एसोसिएशन ने कहा कि न्यायमूर्ति शिवगणनम ने न्यायपालिका में करीब 34 वर्षों तक सेवा दी और जुलाई 2025 से उन्हें उच्चतम न्यायालय द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया गया था।

एसोसिएशन ने अनुरोध किया कि उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश की तलाश और बचाव के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं तथा इस संबंध में हुई प्रगति की जानकारी उनके परिवार को दी जाए।

एसोसिएशन ने विदेश मंत्रालय को भी भेजे गए पत्र में कहा गया, ‘‘इस बेहद कठिन समय में न्यायमूर्ति शिवगणनम का परिवार और सहयोगी गहरी चिंता में हैं। भारत सरकार द्वारा त्वरित, समन्वित और निरंतर प्रयास किए जाने से उन्हें ढूंढने में महत्वपूर्ण सहायता मिल सकती है और सबसे बढ़कर उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित हो सकती है।’’

मद्रास बार एसोसिएशन ने प्रधान न्यायाधीश से अनुरोध किया कि वह भारत सरकार और विदेश मंत्रालय को इस मामले में हरसंभव प्रयास करने का निर्देश दें। इस पत्र पर मद्रास बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वी. आर. कमलनाथन और सचिव जे. पोथिराज के हस्ताक्षर हैं।

भाषा रवि कांत रवि कांत नरेश

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