पिथौरागढ़ में नया बेली पुल तैयार, उच्च हिमालयी घाटियों तक सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही शुरू
पिथौरागढ़ में नया बेली पुल तैयार, उच्च हिमालयी घाटियों तक सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही शुरू
पिथौरागढ़, पांच सितंबर (भाषा) उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के कूलागाड़ में एक और बेली पुल के निर्माण के बाद भारत-चीन और भारत-नेपाल सीमा पर स्थित उच्च हिमालयी घाटियों तक वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बहाल हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
धारचूला के उप जिलाधिकारी आशीष जोशी ने बताया कि शुक्रवार शाम को बेली पुल का निर्माण पूरा होने के बाद उस पर सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन शुरू हो गया। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा बनाए गए बेली पुल की लंबाई 170 मीटर है।
उन्होंने बताया कि धारचूला-गुंजी सीमावर्ती मार्ग पर स्थित कूलागाड़ पुल 18 अगस्त को भारी बारिश के दौरान चट्टानी पत्थर गिरने के कारण क्षतिग्रस्त हो गया था।
अधिकारी ने बताया कि बीआरओ की एक सहायक अभियंता, छह कनिष्ठ अभियंताओं और 35 मजदूरों वाली टीम ने 16 दिन में दूसरे पुल का निर्माण कर दिया जिससे सीमावर्ती घाटियों में परिवहन शुरू हो गया।
उप जिलाधिकारी ने बीआरओ के अधिकारियों के हवाले से बताया कि टूटे पुल के स्थान पर एक वैकल्पिक मार्ग पहले ही तैयार कर दिया गया था लेकिन चौड़ाई कम होने के कारण उस पर सभी आकार के वाहन नहीं चल पा रहे थे।
उन्होंने बताया कि अब नए पुल के बनने के बाद अब सभी प्रकार के वाहन उच्च हिमालयी दारमा और व्यांस घाटियों तक पहुंच पाएंगे।
भाषा सं दीप्ति जोहेब
जोहेब

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