कोविड-19 के प्रकोप के बीच अशांत समय में योग के जरिए जीवन को स्थिर रखना सिखाती नई किताब

कोविड-19 के प्रकोप के बीच अशांत समय में योग के जरिए जीवन को स्थिर रखना सिखाती नई किताब

कोविड-19 के प्रकोप के बीच अशांत समय में योग के जरिए जीवन को स्थिर रखना सिखाती नई किताब
Modified Date: November 29, 2022 / 08:50 pm IST
Published Date: February 12, 2021 11:48 am IST

नयी दिल्ली, 12 फरवरी (भाषा) कोविड-19 वैश्विक महामारी के बीच आयी नयी किताब ‘इमैजिन इफ: स्टोरिज ऑफ ऑर्डिनरी पीपल विद एक्स्ट्रा ऑर्डनरी ग्रिट’ में योग गुरु बी. के. एस. अयंगर के प्रेरणादायक संदेश और उनके उन आसनों का जिक्र किया गया है, जिससे आप अपने जीवन में अशांत समय में स्थिरता ला सकते हैं।

किताब ‘इमैजिन इफ: स्टोरिज ऑफ ऑर्डिनरी पीपल विद एक्स्ट्रा ऑर्डनरी ग्रिट’ को लेखक राजीव एच. मेहता ने लिखा है, जिन्होंने अयंगर से ही प्रशिक्षण लिया था।

किताब का प्रकाशन ‘वेस्टलैंड’ ने किया है। इसमें उन लोगों की कहानियां को बयां किया गया है, जिन्होंने अयंगर के योग की मदद, धैयै और प्रतिबद्धता के साथ कैंसर जैसी बीमारियों और भावनात्मक सदमों जैसी चुनौतियों को मात दी।

मेहता ने कहा कि अयंगर का जन्म 1918 में ‘इंफ्लुएंजा’ ( संक्रामक रोग) के प्रकोप के दौरान हुआ था।

उन्होंने कहा, ‘‘ उनके जन्म के दौरान उनकी मां ‘इंफ्लुएंजा’ से पीड़ित थी। अयंगर जन्म से ही काफी बीमार रहते थे और फिर उनके एक रिश्तेदार ने उन्हें योग के बारे में बताया, ताकि वह असाध्य बीमारियों से छुटकारा पा पा सकें । ’’

मेहता ने कहा कि कोविड-19 ने भी लोगों के स्वास्थ्य को काफी प्रभावित किया है। इससे काफी डर भी पैदा हो गया है। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है, जिससे शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और आर्थिक परेशानियां बढ़ी हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे समय में इस किताब में दिए प्रेरणादायक संदेशों और विभिन्न आसनों से लोगों को काफी मदद मिलेगी।

भाषा निहारिका उमा

उमा


लेखक के बारे में