महिला आरक्षण से जुड़े नए संवैधानिक संशोधन स्वर्णिम युग की शुरुआत: अन्नपूर्णा देवी
महिला आरक्षण से जुड़े नए संवैधानिक संशोधन स्वर्णिम युग की शुरुआत: अन्नपूर्णा देवी
नयी दिल्ली, आठ अप्रैल (भाषा) केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने बुधवार को कहा कि महिला आरक्षण से जुड़े नए संवैधानिक संशोधन देश में एक नए स्वर्णिम युग की शुरुआत हैं।
महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में एक तिहाई आरक्षण देने के प्रावधान वाले नारी शक्ति वंदन अधिनियम को 2023 में पारित किया गया था। सरकार अब इसमें संशोधन करके इसे 2029 से लागू करने तथा परिसीमन के माध्यम से लोकसभा की सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 करने की योजना बना रही है।
अन्नपूर्णा देवी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम, महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास के स्वर्णिम युग की शुरुआत है। भारत की विकास यात्रा में महिलाओं की भागीदारी केवल आवश्यक ही नहीं, बल्कि परिवर्तनकारी है। महिला आरक्षण से जुड़े नए संवैधानिक संशोधन देश में एक नए स्वर्णिम युग की शुरुआत हैं।’’
उनका कहना है कि यह ऐतिहासिक कदम संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं की सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करते हुए नीति-निर्माण को अधिक संवेदनशील, समावेशी और परिणामोन्मुख बनाएगा तथा महिलाओं की बढ़ती उपस्थिति शासन को नई दृष्टि, संतुलन और जनहित के प्रति अधिक प्रतिबद्धता प्रदान करेगी।
मंत्री के अनुसार, आंकड़े स्वयं इसकी महत्ता दर्शाते हैं क्योंकि वर्तमान में लोकसभा के 543 सदस्यों में केवल 74 महिलाएं हैं
उन्होंने कहा, ‘‘परिसीमन और 33 प्रतिशत आरक्षण के बाद यह संख्या बढ़कर 816 में 269 हो जाएगी। राज्य विधानसभाओं में वर्तमान में लगभग 390 महिला विधायक हैं, जो बढ़कर 2,041 हो जाएंगी।’’
अन्नपूर्णा देवी ने इस बात पर जोर दिया कि यह परिवर्तन केवल प्रतिनिधित्व का विस्तार नहीं, बल्कि नारी शक्ति के नेतृत्व में विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
भाषा हक
हक पवनेश
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