एआई पर नयी दिल्ली घोषणापत्र भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है : सावंत

एआई पर नयी दिल्ली घोषणापत्र भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है : सावंत

एआई पर नयी दिल्ली घोषणापत्र भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है : सावंत
Modified Date: February 21, 2026 / 08:57 pm IST
Published Date: February 21, 2026 8:57 pm IST

पणजी, 21 फरवरी (भाषा) गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने शनिवार को कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के प्रभाव पर नयी दिल्ली घोषणापत्र को ‘ऐतिहासिक’ रूप से अपनाना उभरती प्रौद्योगिकियों पर वैश्विक संवाद को आकार देने में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि वैश्विक सहमति कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को मानव प्रगति और समावेशी विकास की शक्ति बनाने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

अमेरिका, ब्रिटेन, चीन और फ्रांस समेत 88 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने ‘नयी दिल्ली घोषणापत्र’ का अनुमोदन किया है। ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांत पर आधारित यह घोषणापत्र इस बात पर बल देता है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लाभ मानवता के सभी वर्गों में समान रूप से साझा किये जाने चाहिए।

सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में सावंत ने कहा कि घोषणापत्र का समर्थन करने के लिए 80 से अधिक देशों का एक साथ आना यह सुनिश्चित करने के सामूहिक संकल्प को रेखांकित करता है कि एआई वैश्विक कल्याण में योगदान दे।

मुख्यमंत्री ने उभरती प्रौद्योगिकियों पर वैश्विक चर्चा को आकार देने में भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व को दिया।

सावंत ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में 80 से अधिक देशों द्वारा घोषणापत्र का समर्थन उभरती प्रौद्योगिकियों को आकार देने में एक विश्वसनीय वैश्विक भागीदार के रूप में भारत की बढ़ती भूमिका का प्रमाण है।’

भाषा

शुभम दिलीप

दिलीप


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