जेनजुम गादी की ‘न्गोक डोलू’ प्रदर्शनी अरुणाचल प्रदेश के जीवन, प्राकृतिक सौंदर्य से रूबरू कराएगी

जेनजुम गादी की ‘न्गोक डोलू’ प्रदर्शनी अरुणाचल प्रदेश के जीवन, प्राकृतिक सौंदर्य से रूबरू कराएगी

जेनजुम गादी की ‘न्गोक डोलू’ प्रदर्शनी अरुणाचल प्रदेश के जीवन, प्राकृतिक सौंदर्य से रूबरू कराएगी
Modified Date: September 9, 2026 / 04:40 pm IST
Published Date: September 9, 2026 4:40 pm IST

नयी दिल्ली, नौ सितंबर (भाषा) मशहूर कलाकार जेनजुम गादी की अरुणाचल प्रदेश के जीवन, प्राकृतिक सौंदर्य और बदलते पर्यावरण से रूबरू कराने वाली 30 से अधिक नयी कलाकृतियां राष्ट्रीय राजधानी में 11 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित ‘न्गोक डोलू’ (मेरा गांव) प्रदर्शनी में प्रदर्शित की जाएंगी।

लोधी रोड स्थित वायु गैलरी में आयोजित की जाने वाली इस प्रदर्शनी में दीवार पर टांगी जाने वाली सजावटी वस्तुएं, मूर्तियां और आकृतियां शामिल होंगी।

अरुणाचल प्रदेश के एक छोटे, आत्मनिर्भर गांव में बीते बचपन की यादों से प्रेरित गादी की कलाकृतियां भौतिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक दुनिया के साथ उनके निरंतर जुड़ाव को दर्शाती हैं।

जमीन और प्रकृति के साथ गहरे जुड़ाव वाले वातावरण में पले-बढ़े गादी का बचपन बांस, लकड़ी और घास-फूस से बने घरों, खेतों, जंगलों, नदियों और फलों के बगीचों के बीच बीता।

ये स्थान केवल परिदृश्य का हिस्सा भर नहीं थे, बल्कि रोजमर्रा के जीवन की बुनियाद थे, जिनमें ज्ञान, कहानियां और दुनिया को समझने के पारंपरिक तरीके समाहित थे।

प्रदर्शनी के आयोजकों ने एक बयान में कहा, “गादी वास्तुकला, कृषि, मौसम, शिल्प परंपराओं और गांव के जीवन की यादों से प्रेरणा लेते हैं। उनकी कलाकृतियों में परिचित तत्व बार-बार दिखाई देते हैं, जो कभी प्रत्यक्ष अवलोकन तो कभी यादों के रूप में सामने आते हैं और कई बार यादों में समाई और काल्पनिक चीजों के बीच की सीमा को भी धुंधला कर देते हैं।”

उन्होंने कहा, “इस प्रक्रिया में स्मृति उन अनुभवों और रूपों को संजोकर रखने का जरिया बन जाती है, जिन्हें हमेशा भौतिक रूप से सुरक्षित नहीं रखा जा सकता।”

भाषा पारुल मनीषा

मनीषा


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