आरक्षण ढांचे में ‘बदलाव’ से जुड़ी ‘नीति’ को लेकर रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष को एनएचआरसी का नोटिस
आरक्षण ढांचे में ‘बदलाव’ से जुड़ी ‘नीति’ को लेकर रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष को एनएचआरसी का नोटिस
नयी दिल्ली, छह जनवरी (भाषा) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने उस शिकायत को लेकर रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष को नोटिस जारी किया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि 2010 में आईआरसीटीसी में एक “नीति” लागू की गई थी, जिसके तहत खानपान और सेवा निविदाओं से संबंधित आरक्षण श्रेणी के ढांचे में “बदलाव” किए गए थे, जो संविधान में निहित समानता और गैर-भेदभाव के सिद्धांतों का “उल्लंघन” करते हैं।
शिकायकर्ता विनय जोशी ने एनएचआरसी से अधिकारियों को “आवश्यक निर्देश जारी करने” और ऐसी नीति को तत्काल “समाप्त” करने का आग्रह किया है।
एनएचआरसी की एक पीठ ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 की धारा 12 के तहत शिकायत का संज्ञान लिया है और इसमें लगाए गए आरोपों की जांच करने के निर्देश जारी किए हैं।
एनएचआरसी सदस्य प्रियांक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने पांच जनवरी को शिकायत पर सुनवाई के दौरान रेलवे बोर्ड के अधिकारियों से दो हफ्ते के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया।
रेल मंत्रालय की ओर से इस घटनाक्रम पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
शिकायत में कहा गया है कि 2010 में “तत्कालीन रेल मंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) में एक निविदा नीति लागू की थी, जिसके तहत खानपान और सेवा निविदाओं के आरक्षण ढांचे में बदलाव किए गए थे।”
इसमें आरोप लगाया गया है कि “अल्पसंख्यकों को वरीयता के नाम पर अनुसूचित जाति (एससी)/अनुसूचित जनजाति (एसटी)/अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए निर्धारित वैधानिक आरक्षण को कम कर दिया गया और मुस्लिम समुदाय को एक अलग आरक्षण लाभ प्रदान किया गया, जिसका प्रावधान भारत के संविधान में नहीं है।”
शिकायत में कहा गया है कि यह नीति “भारत के संविधान में निहित समानता और गैर-भेदभाव के सिद्धांतों का उल्लंघन करती है और निविदा आवंटन प्रक्रिया में समान अवसर से वंचित करके अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग के नागरिकों के अधिकारों को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करती है।”
एनएचआरसी ने शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया “पीड़ितों के मानवाधिकारों का उल्लंघन” प्रतीत होते हैं।
उसने कहा कि आयोग की पीठ ने शिकायत का संज्ञान लिया है।
एनएचआरसी ने कहा, “रजिस्ट्री को निर्देश दिया जाता है कि वह रेलवे बोर्ड, नयी दिल्ली के अध्यक्ष को नोटिस जारी करे और उन्हें निर्देश दे कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कराई जाए तथा दो हफ्ते के भीतर आयोग के अवलोकन के लिए कार्रवाई रिपोर्ट पेश की जाए।”
भाषा पारुल पवनेश
पवनेश

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