एनएचआरसी ने सामाजिक बहिष्कार के कारण महिला के अंतिम संस्कार में देरी पर ओडिशा सरकार से मांगी रिपोर्ट

एनएचआरसी ने सामाजिक बहिष्कार के कारण महिला के अंतिम संस्कार में देरी पर ओडिशा सरकार से मांगी रिपोर्ट

एनएचआरसी ने सामाजिक बहिष्कार के कारण महिला के अंतिम संस्कार में देरी पर ओडिशा सरकार से मांगी रिपोर्ट
Modified Date: June 16, 2026 / 12:10 pm IST
Published Date: June 16, 2026 12:10 pm IST

भुवनेश्वर, 16 जून (भाषा) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने ओडिशा सरकार को नोटिस जारी कर सुंदरगढ़ जिले में एक परिवार के कथित सामाजिक बहिष्कार की घटना पर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आरोप है कि सामुदायिक सहयोग न मिलने से एक बुजुर्ग महिला के अंतिम संस्कार में देरी हुई थी।

मानवाधिकार संस्था ने उन खबरों पर स्वतः संज्ञान लिया है जिनमें कहा गया था कि महुलडीहा गांव की निवासी इस महिला ने 12 वर्षों तक सामाजिक बहिष्कार का दंश झेला और उसकी मृत्यु के बाद ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार करने में उसकी बेटी की मदद करने से इनकार कर दिया।

एनएचआरसी द्वारा सोमवार को जारी एक बयान के अनुसार, जिला प्रशासन के हस्तक्षेप और स्थानीय गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) के सहयोग के बाद ही अंततः महिला का अंतिम संस्कार किया जा सका।

आयोग ने कहा कि यदि ये आरोप सच हैं, तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन की गंभीर चिंता पैदा करता है। आयोग ने मुख्य सचिव से दो सप्ताह के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

एनएचआरसी ने 11 जून को प्रकाशित खबरों का हवाला दिया, जिनमें आरोप लगाया गया था कि महिला की बेटी के एक अन्य जाति के युवक के साथ घर छोड़कर चले जाने पर ग्रामीणों ने जुर्माना लगाया था जिसका भुगतान नहीं करने पर महिला के परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया।

आयोग ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि परिवार को कथित तौर पर एक दशक से अधिक समय तक सामाजिक बहिष्कार का दंश झेलना पड़ा और महिला की मृत्यु के बाद भी यह बहिष्कार जारी रहा, जिससे उसके अंतिम संस्कार में देरी हुई।

एनएचआरसी ने कहा कि वह ओडिशा सरकार से रिपोर्ट मिलने के बाद इस मामले की जांच करेगा।

भाषा

खारी मनीषा

मनीषा


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