नयी दिल्ली, आठ सितंबर (भाषा) सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने दिल्ली सरकार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को नोटिस जारी किए हैं।
नोटिस में कहा गया है कि दिल्ली सरकार और यूजीसी दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) से परामर्श करके छात्रों के लिए छात्रावास और रहने की अन्य सुविधाओं के बारे में एक ‘‘विस्तृत रिपोर्ट’’ सौंपी।
आयोग की 7 सितंबर की कार्यवाही के अनुसार, यह काम सिर्फ नये छात्रावास बनाने तक ही सीमित नहीं रहेगा। अधिकारी मौजूदा छात्रावास के बुनियादी ढांचे का आकलन करेंगे और मौजूदा या पुराने छात्रावास की सुविधाओं को अद्यतन करने, विस्तारित करने, मरम्मत करने या उनमें सुधार करने की संभावनाओं के साथ-साथ, जहां भी जरूरी हो, नये छात्रावास बनाने की जरूरत और संभावना भी तलाशेंगे।
डीयू के दक्षिण परिसर के पास छह सितंबर की दोपहर को सत्य निकेतन में लड़कों के लिए ‘पेइंग गेस्ट’ (पीजी) सुविधा वाली दशकों पुरानी इमारत ढह गई, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।
इस घटना ने दिल्ली में छात्रावासों और विश्वविद्यालय परिसर के बाहर रहने की सुविधाओं की हालत का मुद्दा सामने ला दिया है।
कार्यवाही के अनुसार, एक गैर-लाभकारी कंपनी ‘नेटवर्क फॉर एक्सेस टू जस्टिस एंड मल्टीडिसिप्लिनरी आउटरीच फाउंडेशन’ ने आयोग को सौंपी अपनी शिकायत में डीयू छात्रों के समक्ष छात्रावास की अपर्याप्त सुविधाओं से जुड़ी ‘‘गंभीर चिंता’’ को उजागर किया है।
इसमें कहा गया है कि शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया पीड़ितों के मानवाधिकारों का उल्लंघन प्रतीत होते हैं।
शिकायतकर्ता ने कहा कि विश्वविद्यालय लगभग 72,000 छात्रों को स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिला देता है, लेकिन छात्रावास की उपलब्धता ‘‘बहुत कम’’ है।
यह भी आरोप लगाया गया है कि दूसरे राज्यों से आए छात्रों को रहने के लिए वहनीय जगह खोजने में मुश्किल हुई, जिससे उन्हें महंगे पीजी या किराये के मकानों में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा।
शिकायतकर्ता ने कहा, ‘‘इस कमी से छात्रों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई, सेहत और जीवन की कुल गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ता है। यह स्थिति ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति’ के उलट है, जो उच्च शिक्षा तक सभी की पहुंच, कम खर्च और समावेशिता पर जोर देती है।’’
शिकायतकर्ता ने इस मामले में आयोग से दखल देने और तुरंत कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
आयोग ने कहा कि इसके अनुसार, रजिस्ट्री को दिल्ली के मुख्य सचिव और यूजीसी के अध्यक्ष को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया है।
कार्यवाही के विवरण में कहा गया है, ‘‘दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव और यूजीसी के अध्यक्ष को निर्देश दिया जाए कि वे संबंधित कॉलेजों/संस्थानों में छात्रावास की सुविधा बढ़ाने के लिए डीयू के साथ मिलकर इन पहलुओं पर एक विस्तृत रिपोर्ट दें।’’
कार्यवाही के अनुसार, मुख्य सचिव और यूजीसी के अध्यक्ष ‘‘संयुक्त रूप से दिल्ली विश्वविद्यालय के साथ समन्वय करेंगे और आयोग के विचारार्थ इस सूचना के प्राप्त होने के चार सप्ताह के भीतर प्रस्तावित योजना के साथ एक विशिष्ट, समेकित और कार्रवाई-उन्मुख रिपोर्ट सौंपेंगे।’’
भाषा सुभाष माधव
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