नयी दिल्ली, 10 जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने शुक्रवार को श्रीनगर में 1996 में हुई भीड़ हिंसा और पुलिसकर्मियों पर गोलीबारी के मामले में शब्बीर अहमद शाह समेत हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के छह अलगाववादी नेताओं के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है।
जांच एजेंसी के एक बयान के मुताबिक, जम्मू की विशेष एनआईए अदालत में दाखिल आरोपपत्र में शाह के अलावा सैयद अली शाह गिलानी, अब्दुल गनी लोन, मोहम्मद याकूब वकील, जावेद अहमद मीर और शकील अहमद बख्शी के नाम भी शामिल हैं।
इसमें कहा गया है कि सभी छह लोगों पर आपराधिक साजिश, हत्या की कोशिश, बलवा करने और सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने का आरोप लगाया गया है।
गिलानी, लोन और वकील के खिलाफ आरोप खत्म हो गए हैं, क्योंकि कार्यवाही के दौरान ही उनकी मौत हो गई थी।
जांच के दौरान एनआईए ने पाया कि 17 जुलाई 1996 को श्रीनगर में मारे गए आतंकवादी हिलाल अहमद बेग का जनाजा निकलने के दौरान, सभी छह आरोपियों ने एक गैर-कानूनी भीड़ का नेतृत्व किया था और पुलिसकर्मियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर हिंसा भड़काई थी।
जांच के मुताबिक, हथियारबंद आतंकवादी उस भीड़ में शामिल हो गए, जिसका नेतृत्व आरोपी हुर्रियत नेता कर रहे थे। हिंसा के दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं, जिसमें कई पुलिस अधिकारी घायल हो गए। जबरदस्त पथराव में सरकारी गाड़ियों को भी भारी नुकसान पहुंचा।
एनआईए की जांच के मुताबिक, आरोपी हुर्रियत नेताओं ने भारत-विरोधी, पाकिस्तान-समर्थक और अलगाववादी नारे लगाकर हिंसा को सक्रिय रूप से भड़काया था।
हिंसा वाले दिन ही श्रीनगर के शेरगढ़ी पुलिस थाने में इस मामले में एक शुरुआती प्राथमिकी दर्ज की गई थी। गृह मंत्रालय के निर्देश पर अप्रैल 2026 में एनआईए ने इस मामले की जांच की जिम्मेदारी संभाली।
भाषा शफीक दिलीप
दिलीप