नीतीश कटारा हत्याकांड: न्यायालय ने विकास यादव को सात मार्च तक ‘फरलो’ दी
नीतीश कटारा हत्याकांड: न्यायालय ने विकास यादव को सात मार्च तक ‘फरलो’ दी
नयी दिल्ली, 27 फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने नीतीश कटारा हत्या मामले में 25 साल की जेल की सजा काट रहे विकास यादव की उस याचिका को शुक्रवार को स्वीकार कर लिया, जिसमें उसने ‘फरलो’ पर जेल से रिहा करने का अनुरोध किया है।
न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने इस बात पर गौर किया कि विकास 23 साल जेल में बिता चुका है और होली पर उसे अपने परिवार के साथ समय बिताने के लिए 7 मार्च तक के लिए ‘फरलो’ प्रदान की।
‘फरलो’ से तात्पर्य जेल से अस्थायी रिहाई है, न कि पूरी सजा का निलंबन या माफी। यह आमतौर पर, लंबी अवधि की जेल की सजा काट रहे उन कैदियों को दी जाती है, जिन्होंने अपनी सजा का एक हिस्सा कारागार में बिता लिया है।
पीठ ने कहा, ‘‘याचिकाकर्ता ने होली के दौरान (परिवार के साथ) समय बिताने की इच्छा जाहिर करते हुए ‘फरलो’ का अनुरोध किया है। मामले के गुण-दोष पर विचार किये बिना, हम याचिकाकर्ता को 7 मार्च तक ‘फरलो’ पर रिहा करने की अनुमति देते हैं।’’
सुनवाई के दौरान, न्यायालय ने ‘फरलो’ दिए जाने के खिलाफ शिकायतकर्ता के वकील द्वारा जताई गई आपत्तियों को खारिज कर दिया।
पीठ ने कहा, ‘‘क्या आप उसे फांसी देना चाहते हैं? क्या ऐसा ही है? इस मामले में आपकी बात सुनने का क्या मतलब है? तेईस साल बाद भी आप पुरानी घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करना नहीं छोड़ना चाहते…।’’
न्यायमूर्ति सुंदरेश ने मौखिक टिप्पणी की कि इस तरह की राहत देने से कभी-कभी दोषी के सुधार में मदद मिल सकती है।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने 11 फरवरी को विकास यादव की 21 दिनों के लिए ‘फरलो’ पर रिहाई के अनुरोध वाली याचिका खारिज कर दी थी।
याचिका खारिज करते हुए उच्च न्यायालय ने कहा था कि उसे ‘‘गंभीर अपराधों’’ के मामले में दोषी करार दिया गया है और दिल्ली कारागार नियम (डीपीआर), 2018 के तहत वह ‘फरलो’ की राहत के लिए ‘‘कानूनी रूप से अपात्र’’ है।
विकास यादव उत्तर प्रदेश के नेता डी पी यादव का पुत्र है। उसके चचेरे भाई विशाल यादव को भी कटारा के अपहरण और हत्या के मामले में सजा सुनाई गई थी।
दोनों चचेरे भाई, विकास यादव की बहन भारती यादव से कटारा के कथित प्रेम संबंध के खिलाफ थे।
उच्चतम न्यायालय ने 3 अक्टूबर 2016 को, कटारा के अपहरण व हत्या के मामले में विकास यादव और विशाल यादव को बिना किसी छूट के 25 साल की जेल की सजा सुनाई थी। वहीं, मामले में दोषी करार दिये गए एक और व्यक्ति सुखदेव यादव को 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी।
यह घटना 16 और 17 फरवरी 2002 की दरमियानी रात हुई थी।
भाषा सुभाष पवनेश
पवनेश

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