तिरुपति मंदिर में नित्य अन्नप्रसादम लाखों श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक अक्षय पात्र बना : टीटीडी
तिरुपति मंदिर में नित्य अन्नप्रसादम लाखों श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक अक्षय पात्र बना : टीटीडी
तिरुपति, 11 जून (भाषा) आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर द्वारा संचालित ‘नित्य अन्नप्रसादम’ योजना के तहत सप्ताहांत और अधिक भीड़ वाले दिनों में रोजाना करीब तीन लाख श्रद्धालुओं को मुफ्त भोजन, नाश्ता और पेय उपलब्ध कराए जाते हैं और इस वृहद अन्न सेवा की वजह से अकसर इसे आधुनिक समय का ‘अक्षय पात्र’ भी कहा जाता है। मंदिर का प्रबंधन कार्य देखने वाले तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी)ने यह जानकारी दी।
टीटीडी ने बुधवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि इस सेवा की शुरुआत छह अप्रैल 1985 को महज 2,000 श्रद्धालुओं को भोजन कराने के साथ हुई थी और अब इसके जरिये सप्ताहांत और भीड़-भाड़ वाले दिनों में लगभग तीन लाख श्रद्धालुओं को भोजन उपलब्ध कराया जाता है। वहीं, सामान्य दिनों में करीब 1.9 लाख श्रद्धालु अन्न प्रसाद ग्रहण करते हैं।
टीटीडी ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘‘आधुनिक युग के ‘अक्षय पात्र’ के रूप में पहचान स्थापित कर चुके ‘नित्य अन्नप्रसादम’ कार्यक्रम के तहत श्रद्धालुओं को मुफ्त और पौष्टिक भोजन, नाश्ता और पेय पदार्थ उपलब्ध कराया जाता है।’’
इसमें कहा गया है कि ‘नित्य अन्नप्रसादम’ मानवीय और आध्यात्मिक सेवा के एक ऐसे मॉडल के तौर पर उभरा है जिसे दुनिया भर में पहचान मिली है। यह मॉडल यह सुनिश्चित करता है कि तिरुमाला आने वाले हर भक्त को मुफ्त में पौष्टिक और तृप्त करने वाला भोजन मिले।
विज्ञप्ति के मुताबिक औसतन, हर दिन लगभग 70,000 श्रद्धालुओं को दूध, चाय और कॉफी जैसे पेय पदार्थ दिए जाते हैं, जबकि करीब 60,200 श्रद्धालुओं को नाश्ता, 99,500 को दोपहर का भोजन और 56,700 को रात का भोजन प्रदान किया जाता है। इस प्रकार कुल मिलाकर हर दिन लगभग तीन लाख लोगों को भोजन-पेय परोसा जाता है।
मंदिर प्रशासन के अनुसार, इस योजना के तहत वितरित किये जाने वाले दूध से बने पेय और जलपान तैयार करने के लिए टीटीडी हर दिन लगभग 9,600 लीटर दूध का इस्तेमाल करता है।
विज्ञप्ति के मुताबिक मातृश्री तारिगोंडा वेंगामंबा अन्नप्रसादम परिसर में रोजाना 82,000 से ज़्यादा श्रद्धालुओं को भोजन कराया जाता है, जहां चार भोजन कक्ष हैं जिनमें करीब 4,000 श्रद्धालु एक समय में भोजन कर सकते हैं।
टीटीडी ने बताया कि भोजन तैयार करने के लिए रोजाना करीब 15.8 टन चावल, 3.1 टन सूरजमुखी का तेल और 2.8 टन अरहर की दाल का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा, सूजी, उड़द की दाल, गुड़, नमक, इमली और दूसरी चीज़ें भी काफी मात्रा में इस्तेमाल की जाती हैं।
इसके अलावा, मंदिर प्रशासन रोज़ाना लगभग 4,375 नारियल के साथ-साथ चीनी, सूखी लाल मिर्च, धनिया और कई अन्य सामग्री का इस्तेमाल करता है, जिनका उपयोग भोजन और जलपान तैयार करने में किया जाता है।
विज्ञप्ति के मुताबिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने और सेवाओं का विस्तार करने के लिए, टीटीडी ने कई आधुनिकीकरण पहल शुरू की हैं, जिनमें खाना बनाने में ताज़े नारियल का इस्तेमाल और 2024 में वकुलमाता केंद्रीयकृत रसोईघर की शुरुआत शामिल है।
केंद्रीयकृत रसोईघर की वजह से अन्नप्रसादम का वितरण 28 और जगहों तक करना संभव हुआ है। साथ ही पीएसी-5 (वेंकटाद्रि निलयम) में लगभग 1,500 लोगों के बैठने की क्षमता वाला एक नया भोजन कक्ष भी तैयार किया गया है।
भक्तों के योगदान से चलने वाले श्री वेंकटेश्वर अन्नप्रसादम ट्रस्ट के पास अभी 2,500 करोड़ रुपये से ज़्यादा की सावधि जमा राशि है।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इन जमा राशियों से होने वाली आय टीटीडी को हर दिन तिरुमाला आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को मुफ़्त और उच्च गुणवत्ता वाला भोजन उपलब्ध कराने में सक्षम बनाती है।
भाषा धीरज नरेश
नरेश

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