लेह, आठ जून (भाषा) लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने सोमवार को उस मसौदा अधिसूचना को मंजूरी दे दी, जिसमें राष्ट्रीय चिकित्सा पंजी (एनएमआर) के तहत पंजीकृत सभी चिकित्सकों को बिना किसी अतिरिक्त अनुमोदन या अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) के केंद्र-शासित प्रदेश में प्रैक्टिस करने की अनुमति दी गई है।
अधिकारियों के मुताबिक, इस कदम का उद्देश्य क्षेत्र में चिकित्सकों की कमी को दूर करना और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है।
सरकारी नियमों के अनुसार, किसी भी चिकित्सक के लिए उस राज्य या केंद्र-शासित प्रदेश की चिकित्सा परिषद में पंजीकरण कराना अनिवार्य है, जहां वह प्रैक्टिस करना चाहता है।
हालांकि, लद्दाख की अपनी चिकित्सा या दंत परिषद नहीं है, इसलिए सक्सेना ने एक आदेश जारी करने का निर्देश दिया, ताकि एनएमआर में पंजीकृत चिकित्सकों को केंद्र-शासित प्रदेश में प्रैक्टिस करने की पात्रता मिल सके।
लोक भवन के प्रवक्ता ने बताया कि उपराज्यपाल ने आवेदकों और आम जनता को इस संबंध में स्पष्टता प्रदान करने का भी निर्देश दिया है।
प्रवक्ता ने कहा कि यह निर्णय प्रशासन के ‘डीरेगुलेशन 2.0’ सुधारों का हिस्सा है और इससे विशेष रूप से लद्दाख के दूरस्थ और कम सुविधा वाले क्षेत्रों में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य पेशेवरों की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है।
भाषा तान्या पारुल
पारुल