एसडीपीआई के साथ कोई समझौता नहीं हुआ, किसी को समर्थन देने से नहीं रोक सकते : माकपा

एसडीपीआई के साथ कोई समझौता नहीं हुआ, किसी को समर्थन देने से नहीं रोक सकते : माकपा

एसडीपीआई के साथ कोई समझौता नहीं हुआ, किसी को समर्थन देने से नहीं रोक सकते : माकपा
Modified Date: April 5, 2026 / 08:52 pm IST
Published Date: April 5, 2026 8:52 pm IST

तिरुवनंतपुरम, पांच अप्रैल (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एम ए बेबी ने रविवार को कहा कि सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) अन्य दलों के ‘आचरण प्रमाण पत्रों’ के आधार पर उनसे समर्थन स्वीकार करने या अस्वीकार करने का फैसला नहीं ले सकता है।

उन्होंने साथ ही स्पष्ट किया कि केरल विधानसभा चुनावों से पहले एसडीपीआई के साथ कोई चुनावी समझौता नहीं हुआ है।

एमए बेबी ने कहा कि माकपा ने ‘सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया’(एसडीपीआई) से समर्थन नहीं मांगा है, लेकिन वह किसी भी राजनीतिक दल को खुद से समर्थन देने से मना नहीं कर सकती।

एसडीपीआई प्रतिबंधित इस्लामी संगठन ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (पीएफआई) की राजनीतिक शाखा है।

माकपा महासचिव ने कहा कि वामदल किसी भी पार्टी से समर्थन स्वीकार करने या अस्वीकार करने के अपने निर्णय की घोषणा केवल उसके आचरण प्रमाण पत्र के आधार पर नहीं कर सकता, क्योंकि प्रत्येक चुनाव के दौरान नई राजनीतिक परिस्थितियां उत्पन्न होती हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर हमारी ओर से एसडीपीआई की कोई आलोचना नहीं होती तो हम उनसे समर्थन मांगते। हमने अभी तक ऐसा नहीं किया है। संगठन ने अपने निजी कारणों से कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में समर्थन दिया है और हम इसे हतोत्साहित नहीं कर सकते।’’

माकपा महासचिव ने कहा कि एसडीपीआई ने सभी निर्वाचन क्षेत्रों के लिए अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है।

भाषा

शुभम धीरज

धीरज


लेखक के बारे में