छात्रों और प्रवासी श्रमिकों को पांच किलो के एलपीजी सिलेंडर बेचने पर कोई प्रतिबंध नहीं: ओडिशा सरकार
छात्रों और प्रवासी श्रमिकों को पांच किलो के एलपीजी सिलेंडर बेचने पर कोई प्रतिबंध नहीं: ओडिशा सरकार
भुवनेश्वर, छह अप्रैल (भाषा) ओडिशा सरकार ने सोमवार को कहा कि पांच किलो वाले एलपीजी सिलेंडरों के वितरण पर कोई प्रतिबंध नहीं है और छात्र एवं प्रवासी श्रमिक जैसे जरूरतमंद उपभोक्ता केवल पहचान पत्र दिखाकर इन्हें प्राप्त कर सकते हैं।
खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार सिंह ने कहा कि सरलीकृत प्रक्रिया के माध्यम से ये छोटे सिलेंडर आसानी से उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, “ओएमसी द्वारा बेचे जा रहे पांच किलो के सिलेंडरों पर कोई प्रतिबंध नहीं है। छात्र, श्रमिक एवं प्रवासी श्रमिक वैध पहचान पत्र दिखाकर इन सिलेंडरों का लाभ उठा सकते हैं। ऐसे जरूरतमंद उपभोक्ताओं के लिए पते के प्रमाण की आवश्यकता नहीं है।”
सिंह ने कहा कि लोग अधिकृत वितरकों से एक सरल प्रक्रिया के माध्यम से पांच किलो के ‘फ्री ट्रेड एलपीजी’ (एफटीएल) सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं और ओएमसी मौके पर ही कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न स्थानों पर विशेष शिविर भी आयोजित कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केवल अवैध विक्रेताओं पर ही प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं और अनाधिकृत विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
यह स्पष्टीकरण खाद्य आपूर्ति मंत्री केसी पात्रा के उस बयान के एक दिन बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि अवैध व्यापार के कारण सरकार ने पांच किलो के एलपीजी सिलेंडरों की खुले बाजार में बिक्री बंद कर दी है, जिसके बाद विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने इसकी आलोचना की थी।
सिंह ने कहा, ‘घरेलू एलपीजी आपूर्ति स्थिर बनी हुई है, वहीं वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति भी सामान्य हो रही है, लगभग 70 प्रतिशत उपलब्धता बहाल हो चुकी है।’
उन्होंने कहा, ‘उपलब्ध आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत अस्पतालों, स्कूलों, छात्रावासों और आहार केंद्रों जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए प्राथमिकता के आधार पर दिया जा रहा है।’
उन्होंने कहा, ‘अब तक 1,633 स्थानों पर निरीक्षण किए गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप 3,105 सिलेंडर जब्त किए गए हैं और 288 मामले दर्ज किए गए हैं। आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।’
भाषा
राखी रंजन
रंजन

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