कितनी ही बड़ी सत्ता मिल जाए, हमारा मूल मार्ग सेवा का ही रहेगा : प्रधानमंत्री

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कितनी ही बड़ी सत्ता मिल जाए, हमारा मूल मार्ग सेवा का ही रहेगा : प्रधानमंत्री

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  • Publish Date - September 24, 2026 / 10:27 AM IST,
    Updated On - September 24, 2026 / 10:27 AM IST

देवास (मप्र), 24 सितंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि गुजरात से लेकर दिल्ली तक सेवा ही भारतीय जनता पार्टी की शासन व्यवस्था और संस्कारों का मूल भाव रही है और पार्टी सेवा के मार्ग से कभी विचलित नहीं होगी।

मोदी ने गुजरात के वडनगर से उत्तर प्रदेश के वाराणसी तक निकाली जा रही ‘सेवा संकल्प यात्रा’ में शामिल प्रतिभागियों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये संवाद में यह बात कही।

अलग-अलग राज्यों के युवाओं की भागीदारी वाली यह यात्रा मोदी के 76वें जन्मदिन और निर्वाचित जनप्रतिनिधि के तौर पर उनके सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने के अवसर पर निकाली जा रही है।

यात्रा के प्रतिभागी फिलहाल देवास जिले में हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा,‘‘गुजरात से लेकर दिल्ली तक सेवा ही हमारी शासन व्यवस्था और संस्कारों का मूल भाव रही है और जब शासन के मूल में सेवा का भाव होता है, तो हर नीति के केंद्र में नागरिक देवो भव का संकल्प होता है।’’

मोदी ने कहा,‘‘हमारे आचरण से लोगों को पता चले कि राजनीति में हमें कितनी ही बड़ी सत्ता क्यों न मिल जाए, लेकिन हमारा मूल मार्ग सेवा का ही रहेगा। हम कभी भी सेवा के मार्ग से विचलित नहीं होंगे, भले ही हम कितने ही ऊंचे शिखर पर पहुंच जाएं।’’

उन्होंने कहा कि सेवा भाव से किए गए कामों को लोग याद रखते हैं और सेवा करने वाले व्यक्तियों को आशीर्वाद देते हैं।

उन्होंने कहा कि ‘सेवा यात्रियों’ से कहा कि लोगों की सेवा ही उनका मुख्य उद्देश्य होना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा,‘‘लोगों की सेवा करके अपने आचरण से सेवा का संदेश दीजिए। सेवा परमो धर्मः, हम इस भाव के साथ आगे बढ़ेंगे।’’

भाषा हर्ष रंजन

रंजन