भारत तथा कैरिकॉम को आर्थिक, डिजिटल संबंध और मजबूत करने चाहिए: विदेश मंत्री जयशंकर

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भारत तथा कैरिकॉम को आर्थिक, डिजिटल संबंध और मजबूत करने चाहिए: विदेश मंत्री जयशंकर

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  • Publish Date - September 24, 2026 / 11:00 AM IST,
    Updated On - September 24, 2026 / 11:00 AM IST

(योषिता सिंह)

न्यूयॉर्क, 24 सितंबर (भाषा) विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत एवं कैरेबियाई देशों को आर्थिक, डिजिटल तथा आवागमन के क्षेत्रों में अपने संबंधों को और मजबूत करना चाहिए।

जयशंकर ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय सत्र से इतर भारत-कैरिकॉम विदेश मंत्रियों की बैठक में कैरेबियाई देशों के अपने समकक्षों के साथ हिस्सा लिया।

उन्होंने साझा इतिहास और विकास संबंधी चुनौतियों से उत्पन्न भारत-कैरेबियाई एकजुटता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत ने कैरेबियाई क्षेत्र में सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया है और सदस्य देशों से अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन तथा वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन में शामिल होने पर विचार करने का अनुरोध किया।

जयशंकर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारत ने इस बात पर जोर दिया कि हमें खासकर आर्थिक, डिजिटल एवं आवागमन के क्षेत्रों में अपने संबंधों को और मजबूत करना चाहिए।’’

विदेश मंत्री ने कहा कि जिन छोटे एवं मझोले उद्यमों (एसएमई) और त्वरित प्रभाव वाली परियोजनाओं के लिए भारत ने प्रतिबद्धता जताई थी, उनमें से कई कैरेबियाई देशों में पूरी हो चुकी हैं, जबकि कुछ में अभी काम जारी है।

उन्होंने बताया कि भारत ने अंग प्रतिरोपण एवं कृत्रिम अंग लगाने के लिए शिविर आयोजित किए हैं, कुछ कैरिकॉम साझेदार देशों को ‘हीमोडायलिसिस’ इकाइयां उपहार में दी हैं और कॉम्पैक्ट चिकित्सा उपकरण ‘भीष्म क्यूब’ इकाइयां उपलब्ध कराई हैं।

जयशंकर ने कैरिकॉम देशों से भारत द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रशिक्षण के अवसरों का उपयोग करने का भी आग्रह किया और उनकी रुचि वाले क्षेत्रों में अनुकूलित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की पेशकश की।

उन्होंने नीदरलैंड के विदेश मंत्री टॉम बेरेंडसन से भी मुलाकात की और यूक्रेन संघर्ष पर चर्चा की। उन्होंने इस साल की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीदरलैंड यात्रा के दौरान तय किए गए कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की।

फिनलैंड की विदेश मंत्री एलिना वाल्टोनेन के साथ बैठक में जयशंकर ने मौजूदा भू-राजनीतिक और प्रौद्योगिकी संबंधी चुनौतियों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे द्विपक्षीय संबंध और यूरोपीय संघ में हमारा सहयोग मजबूत बना हुआ है।’’

जयशंकर ने स्लोवेनिया के विदेश मंत्री टोने काजर से मुलाकात की और कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को वास्तविक रूप देने की दिशा में आगे बढ़ते हुए व्यापार एवं निवेश के उभरते अवसरों पर चर्चा हुई।

उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने ऊर्जा, विनिर्माण, डिजिटल क्षेत्र, संपर्क, रक्षा और बहुपक्षीय सहयोग सहित अपने संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की।

अंडोरा की विदेश मंत्री इम्मा टोर फाउस के साथ जयशंकर ने व्यापार और निवेश, जलवायु परिवर्तन तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने बहुपक्षीय सहयोग पर भी विचार-विमर्श किया।

भाषा गोला नेत्रपाल

नेत्रपाल