एसआईआर नोटिस से घबराने की जरूरत नहीं, दस्तावेज लाकर त्रुटियों में सुधार कराएं : निर्वाचन अधिकारी

एसआईआर नोटिस से घबराने की जरूरत नहीं, दस्तावेज लाकर त्रुटियों में सुधार कराएं : निर्वाचन अधिकारी

एसआईआर नोटिस से घबराने की जरूरत नहीं, दस्तावेज लाकर त्रुटियों में सुधार कराएं : निर्वाचन अधिकारी
Modified Date: August 6, 2026 / 11:05 pm IST
Published Date: August 6, 2026 11:05 pm IST

देहरादून, छह अगस्त (भाषा) उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रदेश में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत जारी किए जा रहे नोटिस से मतदाताओं को घबराने की आवश्यकता नहीं है और वे निर्धारित दस्तावेज उपलब्ध कराकर अपने रिकॉर्ड में दर्ज त्रुटियों में सुधार करवा सकते हैं।

पुरुषोत्तम ने कहा कि नाम, पता अथवा अन्य विवरणों में विसंगतियों को दूर करने के लिए नोटिस जारी करना निर्वाचन आयोग की सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि मतदाता निर्धारित दस्तावेज बीएलओ को उपलब्ध कराकर अपने रिकॉर्ड में दर्ज त्रुटियों का आसानी से सुधार करा सकते हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, डॉ. पुरुषोत्तम को भी नाम में विसंगति के कारण नोटिस प्राप्त हुआ था जिसके बाद उन्होंने संबंधित बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) को आवश्यक दस्तावेज सौंप दिए हैं।

पुरुषोत्तम ने बताया कि सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सामान्य विसंगतियों वाले मामलों का बीएलओ स्वयं दस्तावेजों का सत्यापन कर अपने स्तर पर निस्तारण करें, ताकि नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं की ‘मैपिंग’ नहीं हो पाई है, उन पर विशेष ध्यान देते हुए निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) एवं सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में एसआईआर के तहत 24 लाख 30 हजार नोटिस में से अब तक 20 लाख 27 हजार नोटिस मतदाताओं तक पंहुचा दिए गए हैं।

भाषा दीप्ति शफीक

शफीक


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