कोई भी छात्रों के देशप्रेम पर सवाल नहीं उठा सकता : एसएफआई

कोई भी छात्रों के देशप्रेम पर सवाल नहीं उठा सकता : एसएफआई

कोई भी छात्रों के देशप्रेम पर सवाल नहीं उठा सकता : एसएफआई
Modified Date: August 23, 2026 / 07:01 pm IST
Published Date: August 23, 2026 7:01 pm IST

कोलकाता, 23 अगस्त (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) से संबद्ध स्टुडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की यादवपुर विश्वविद्यालय की इकाई ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा परिसर को लेकर की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए रविवार को कहा कि छात्रों के देशप्रेम पर कोई भी सवाल नहीं उठा सकता।

शुभेंदु ने शनिवार को अपने भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र में अन्नपूर्णा भंडार योजना के लाभार्थियों को संबोधित करते हुए आरोप लगाया था कि यादवपुर विश्वविद्यालय परिसर में ‘वंदे मातरम्’ नहीं गाया जाता, राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया जाता, शिक्षा विभाग के अधिकारियों को वहां जाने से रोका जाता है और सीसीटीवी कैमरे लगाने की अनुमति नहीं दी जाती है।

मुख्यमंत्री ने परिसर में वामपंथी छात्रों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी)के कार्यकर्ताओं के बीच हालिया झड़पों की पृष्ठभूमि में कहा था कि उनकी सरकार यादवपुर विश्वविद्यालय (जेयू) परिसर और उसके बाहर भी राष्ट्रवाद को बढ़ावा देगी, और अगर कोई पश्चिम बंगाल में रहना चाहता है, तो उसे राष्ट्रगीत गाना होगा।

एसएफआई की जेयू इकाई ने मुख्यमंत्री को लिखे एक खुले पत्र में कहा, ‘‘हम इस सोच का कड़ा विरोध करते हैं। आपने (मुख्यमंत्री ने) कहा कि यावदपुर विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया जाता है। ऐसा लगता है कि आपको गलत जानकारी दी जा रही है।’

पत्र में कहा गया, ‘‘आपने यह भी दावा किया था कि सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं… लेकिन 19 अगस्त की रात की घटनाएं (एबीवीपी-वाम कार्यकर्ताओं के बीच झड़प), जब बाहरी लोग परिसर में घुसे, तोड़-फोड़ की और आगजनी की, वह सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई हैं। क्या आप अब भी यही दावा करना चाहते हैं कि यह सब झूठ है? हमें उम्मीद है कि आप इसका जवाब देंगे।’’

मुख्यमंत्री द्वारा परिसर में ‘राष्ट्र-विरोधी तत्वों’ की मौजूदगी के दावे पर एसएफआई ने कहा कि अलग-अलग छात्र संगठनों के बीच वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन जब देश के प्रति प्रेम की बात आती है, तो कोई असहमति या मतभेद नहीं होता है।

संगठन ने पत्र में कहा, ‘‘देश के प्रति हमारे प्रेम पर कोई सवाल नहीं उठा सकता।’’

एसएफआई ने मुख्यमंत्री और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘ आपके और आपकी पार्टी के साथ हमारे वैचारिक मतभेद हैं। उन मतभेदों को रहने दीजिए। आने वाले दिनों में हमारे बीच संघर्ष और तेज होगा। लेकिन क्या इसका अभिप्राय यह है कि यादवपुर को ‘आतंकवादियों का अड्डा’ करार दिया जाए?’’

भाषा धीरज नरेश

नरेश


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