नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार को लोकसभा को बताया कि सरकार फिलहाल घरेलू और खुदरा निवेशकों के लिए दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर (एलटीसीजी) समाप्त करने पर विचार नहीं कर रही है।
हाल ही में सरकार ने सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करने वाले विदेशी निवेशकों के पूंजीगत लाभ पर लगने वाला एलटीसीजी कर हटा दिया है।
खुदरा और घरेलू निवेशकों के लिए एलटीसीजी समाप्त कर बाजार की धारणा मजबूत करने, घरेलू निवेशकों के हितों की रक्षा करने और विदेशी व भारतीय निवेशकों के बीच समान अवसर सुनिश्चित कराने के लिए एलटीसीजी समाप्त करने संबंधी सवाल के लिखित जवाब में चौधरी ने कहा, ‘‘फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।’’
उन्होंने कहा कि पूंजीगत लाभ कर की दरों सहित कर नीतियों की हर साल बजट प्रक्रिया और विधायी संशोधनों के दौरान व्यापक आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर समय-समय पर समीक्षा की जाती है।
चौधरी ने बताया कि घरेलू और खुदरा निवेशकों पर एलटीसीजी की 12.5 प्रतिशत कर दर वही है, जो ‘इक्विटी’ निवेश से होने वाले लाभ पर विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) पर लागू होती है।
उन्होंने कहा कि पिछले महीने जारी आयकर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 के तहत सरकार ने केवल सरकारी प्रतिभूतियों में एफपीआई (विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक) के निवेश पर लागू कर व्यवस्था को तर्कसंगत बनाया है। इसके तहत ऐसे निवेश से होने वाली ब्याज आय और पूंजीगत लाभ को आयकर से छूट दी गई है।
यह छूट 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी है और इस तारीख या उसके बाद सरकारी प्रतिभूतियों में एफपीआई के निवेश से मिलने वाले ब्याज और पूंजीगत लाभ पर लागू होगी।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में चौधरी ने बताया कि 31 मार्च 2026 तक भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के पास दावा न की गई राशि 7,318.50 करोड़ रुपये थी। इसमें इस राशि पर 1,753.95 करोड़ रुपये की अर्जित आय भी शामिल है।
उन्होंने बताया कि 31 मार्च 2026 तक ईपीएफ योजना के तहत निष्क्रिय ईपीएफ (कर्मचारी भविष्य निधि) खातों में कुल 9,330.56 करोड़ रुपये जमा थे।
भाषा सुभाष अविनाश
अविनाश
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