Krishna Janmashtami Celebration: देशभर में गूंजे नंदलाला के जयकारे, मथुरा से द्वारका तक दिखा कृष्ण जन्मोत्सव का भव्य नजारा, आधी रात 21 तोपों की गर्जना के साथ हुआ भगवान का प्राकट्य

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Krishna Janmashtami Celebration: देशभर में गूंजे नंदलाला के जयकारे, मथुरा से द्वारका तक दिखा कृष्ण जन्मोत्सव का भव्य नजारा, आधी रात 21 तोपों की गर्जना के साथ हुआ भगवान का प्राकट्य

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  • Publish Date - September 5, 2026 / 08:30 AM IST,
    Updated On - September 5, 2026 / 08:31 AM IST

Krishna Janmashtami Celebration | Photo Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • मथुरा में कान्हा का विशेष पूजन
  • सोने-चांदी से अभिषेक
  • बांके बिहारी में मंगला आरती

मथुरा: Krishna Janmashtami Celebration देशभर के मंदिरों में शुक्रवार को कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाई गई। रात 12 बजे मथुरा-वृंदावन से लेकर जगन्नाथ पुरी और द्वारका तक भगवान श्रीकृष्ण का प्रकटोत्सव हुआ। श्रीकृष्ण का 5253वां जन्मोत्सव मनाया गया। मंदिरों से लेकर शहर की गलियों और चौराहों तक राधा-कृष्ण के जयकारे गूंजते रहे

सोने से सजी चांदी की कामधेनु से अभिषेक

Krishna Janmashtami Celebration उत्तर प्रदेश के मथुरा में भी कान्हा का सोने से सजी चांदी की कामधेनु से अभिषेक किया गया और 500 ड्रोन से कृष्ण लीलाएं दिखाई गईं। इस आयोजन में शामिल होने के लिए मथुरा में शाम 6 बजे तक 15 लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। राजस्थान में राजसमंद के नाथद्वारा में भगवान को 21 तोपों की सलामी दी गई। इससे पहले मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि, द्वारका में द्वारकाधीश मंदिर, दिल्ली के इस्कॉन मंदिर और जयपुर के गोविंद देव जी मंदिर में मंगला आरती हुई।

बांके बिहारी मंदिर में साल में एक बार हुई मंगला आरती

मथुरा के वृंदावन स्थित बांके बिहारी मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर खास मंगला आरती का आयोजन किया गया। साल में सिर्फ एक बार होने वाली इस आरती के दर्शन के लिए मंदिर में देर रात से ही भक्तों की भारी भीड़ जुटने लगी। मंगला आरती के दौरान मंदिर परिसर में भक्तों का उत्साह देखते ही बना। बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने आराध्य भगवान श्रीकृष्ण के इस विशेष स्वरूप के दर्शन के लिए पहुंचे।

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जन्माष्टमी 2026 कब मनाई गई?

4 सितंबर 2026 को।

मथुरा में क्या विशेष आयोजन हुआ?

सोने से सजी चांदी की कामधेनु से अभिषेक और 500 ड्रोन शो।

नाथद्वारा में भगवान को क्या सम्मान दिया गया?

21 तोपों की सलामी।