ताजमहल का नाम बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं : सरकार
ताजमहल का नाम बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं : सरकार
नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में कहा कि ताजमहल का नाम बदलने का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है।
उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान माकपा के जॉन ब्रिटास ने पूरक प्रश्न पूछा कि क्या ताजमहल का नाम बदलने की सरकार की कोई योजना है। इस पर शेखावत ने कहा ‘‘नाम बदलने का मंत्रालय का कोई विचार नहीं है।”
उन्होंने सदन को बताया कि मोदी सरकार ने 10 वर्षों में ऐतिहासिक स्थलों के उत्खनन पर पिछली सरकारों के 10 वर्षों की तुलना में दोगुनी राशि खर्च की है।
तृणमूल कांग्रेस के सुखेंदु शेखर राय ने जानना चाहा कि क्या पश्चिम बंगाल में और ऐतिहासिक स्थलों का उत्खनन करने की योजना है। इस पर शेखावत ने कहा कि उत्खनन एक सतत प्रक्रिया है और यह उपलब्ध मानव संसाधनों पर निर्भर करता है।
मंत्री ने कहा, “मोदी सरकार उत्खनन को लेकर गंभीर है। पिछले 10 वर्षों में उत्खनन गतिविधियों पर लगभग दोगुनी धनराशि खर्च की गई है।” उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार का सहयोग उत्खनन गतिविधियों को तेज करने में सहायक होगा।
संरक्षण कार्यों के बारे में शेखावत ने बताया कि पिछले 10 वर्षों में संरक्षण गतिविधियों पर 3,713 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि 2004-2014 के दौरान केवल 1,310 करोड़ रुपये खर्च हुए थे।
मंत्री ने कहा कि मंत्रालय ने संरक्षण गतिविधियों में कॉरपोरेट सेक्टर को शामिल करने की योजना भी शुरू की है और इस पर उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है।
पश्चिम बंगाल के पुरातात्विक स्थलों के संबंध में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में शेखावत ने कहा कि राज्य में 135 स्मारक और राष्ट्रीय महत्व के पुरातात्विक स्थल हैं और इन्हें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित किया जाता है।
उन्होंने यह भी बताया कि पश्चिम बंगाल में एएसआई के तहत चार संरक्षित स्मारकों पर प्रवेश शुल्क लिया जाता है।
भाषा मनीषा अविनाश
अविनाश

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