धाराशिव जिले में 80 दिन से बारिश नहीं, भूजल स्तर 7.02 मीटर गिरा: रिपोर्ट

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धाराशिव जिले में 80 दिन से बारिश नहीं, भूजल स्तर 7.02 मीटर गिरा: रिपोर्ट

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  • Publish Date - September 16, 2026 / 01:31 PM IST,
    Updated On - September 16, 2026 / 01:31 PM IST

छत्रपति संभाजीनगर, 16 सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र के मध्य में स्थित धाराशिव जिले में 80 दिन तक बारिश नहीं हुई, जिससे इस खरीफ मौसम में फसल को 80 से 85 प्रतिशत तक नुकसान होने की आशंका है। एक सरकारी रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

जिला कलेक्टर कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार, बारिश नहीं होने से फूल आने और फलियां बनने के महत्वपूर्ण चरण के दौरान मिट्टी में नमी की भारी कमी हो गई है, जिससे अनाज के विकास और उसमें दाने भरने पर असर पड़ा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस गंभीर स्थिति के बीच किसान अपने खेतों में सूखे पौधों को मवेशियों के चारे के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, धाराशिव (पूर्व में उस्मानाबाद) में 603.1 मिलीमीटर की औसत अपेक्षित बारिश के मुकाबले केवल 310.7 मिलीमीटर बारिश हुई, जो 51.51 प्रतिशत है।

इसमें कहा गया है कि जिले में बारिश की कमी 49.49 प्रतिशत तक पहुंच गई है और 12 सितंबर तक जिले के अधिकांश हिस्सों में बारिश नहीं होने वाले दिनों की संख्या 80 हो गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, जिले में भूजल स्तर पिछले पांच वर्षों के औसत की तुलना में 7.02 मीटर नीचे चला गया है।

इस खरीफ मौसम में 5.39 लाख हेक्टेयर भूमि में फसल बोई गई है, जिसमें 4.67 लाख हेक्टेयर में सोयाबीन की खेती हुई है।

हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि कई क्षेत्रों में फसल सूख गई है और बची हुई फसल को भी फूल आने, फलियां बनने और दाने भरने के महत्वपूर्ण दौर में नमी की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस मौसम में जिले में फसल का नुकसान 80 से 85 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। इसमें कहा गया है कि किसान सूखे सोयाबीन के पौधों को मवेशियों के चारे के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।

महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सोमवार को कहा था कि कम बारिश के कारण राज्य के 18 जिलों में सूखे जैसी स्थिति पैदा हो गई है।

उन्होंने कहा था कि महाराष्ट्र के करीब आधे किसान फिलहाल सूखे जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं।

भाषा वैभव

वैभव