विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया जाना आंध्र के साथ अन्याय, इस वादे को पूरा किया जाए: कांग्रेस

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विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया जाना आंध्र के साथ अन्याय, इस वादे को पूरा किया जाए: कांग्रेस

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  • Publish Date - April 1, 2026 / 12:45 PM IST,
    Updated On - April 1, 2026 / 12:45 PM IST

नयी दिल्ली, एक अप्रैल (भाषा) कांग्रेस ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया जाना न सिर्फ नीतिगत विफलता है, बल्कि प्रदेश के साथ अन्याय है।

पार्टी सांसद मणिकम टैगोर ने ‘आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026’ पर चर्चा में भाग लेते हुए सरकार से आग्रह किया कि आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिया जाए।

यह विधेयक अमरावती को आंध्र प्रदेश की एकमात्र और स्थायी राजधानी के रूप में मान्यता देने संबंधित है।

टैगोर ने विधेयक का समर्थन करते हुए कहा, ‘‘आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के तहत जो वादे किए गए थे वो कानूनी रूप से बाध्यकारी हैं तथा इन पर कांग्रेस और भाजपा दोनों की सहमति थी।’’

उन्होंने इस बात उल्लेख किया कि पूर्व की कांग्रेस सरकारों ने आंध्र प्रदेश के विकास के लिए कई योजनाओं और परियोजनाओं की शुरुआत की।

टैगोर का कहना था, ‘‘विशेष राज्य के दर्जे की मांग अधूरी है। यह वादा तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सदन के पटल पर किया था।’’

उन्होंने दावा किया कि विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने से इनकार किया जाना न सिर्फ नीतिगत विफलता है, बल्कि प्रदेश के साथ अन्याय है।

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘अमरावती को पूरा धन मुहैया कराया जाए। आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम को पूरी तरह लागू किया जाए। आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिया जाए।’’

भाषा हक

हक वैभव

वैभव