तिरुवनंतपुरम, 15 जनवरी (भाषा) केरल कांग्रेस (मणि) की संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) में वापसी को लेकर चल रही अटकलों के बीच यूडीएफ और सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के नेताओं ने बृहस्पतिवार को स्पष्ट किया कि इस तरह का कोई कदम फिलहाल विचाराधीन नहीं है।
यूडीएफ की पूर्व प्रमुख सहयोगी केरल कांग्रेस (मणि) वर्ष 2020 में पाला बदलते हुए एलडीएफ में शामिल हो गई थी।
पार्टी के अध्यक्ष जोस के मणि ने हाल में स्पष्ट किया कि वाम मोर्चा छोड़ने को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है और पार्टी एलडीएफ के साथ ही बनी रहेगी।
यूडीएफ संयोजक अदूर प्रकाश ने कासरगोड में कहा कि केरल कांग्रेस (मणि) के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने कहा, “मैं आधिकारिक तौर पर कह सकता हूं कि कोई चर्चा नहीं हुई है।”
प्रकाश ने कहा कि सभी पार्टियां बातचीत करने के लिए स्वतंत्र हैं। उन्होंने कहा “जो आना चाहते हैं, वे आ सकते हैं, लेकिन यह उनकी ओर से पहल पर आधारित होना चाहिए। हम किसी पर मोर्चे में शामिल होने का दबाव नहीं डालेंगे।”
विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने हाल में नए दलों या नेताओं के यूडीएफ में शामिल होने की संभावना जताई थी। इस पर पूछे गए सवाल पर प्रकाश ने कहा कि इस संबंध में मोर्चे की ओर से कोई घोषणा नहीं की गई है।
उन्होंने कहा, “अगर विपक्ष के नेता ने ऐसा कहा है तो आप उनसे पूछिए। यूडीएफ संयोजक के तौर पर मैं वही कह रहा हूं जो मुझे पता है।”
भाषा मनीषा वैभव
वैभव