नोएडा : वेतन वृद्धि की मांग को लेकर कर्मचारियों के प्रदर्शन के दौरान हिंसा, आगजनी

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नोएडा : वेतन वृद्धि की मांग को लेकर कर्मचारियों के प्रदर्शन के दौरान हिंसा, आगजनी

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  • Publish Date - April 13, 2026 / 07:33 PM IST,
    Updated On - April 13, 2026 / 07:33 PM IST

(तस्वीरों के साथ)

नोएडा, 13 अप्रैल (भाषा) नोएडा में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर फैक्टरी कर्मियों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन के दौरान सोमवार को जमकर हिंसा हुई और इस दौरान औद्योगिक क्षेत्रों में पुलिस की एसयूवी समेत कई वाहनों में आग लगा दी गई, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया तथा कई जगहों पर पथराव की घटनाएं सामने आईं।

प्रदर्शन के कारण यातायात ठप हो गया, जिससे सुबह के व्यस्त समय में दिल्ली जाने वाली विभिन्न सड़कों पर हजारों यात्री फंस गए। दिल्ली-नोएडा सीमा पर कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं।

अधिकारियों ने बताया कि फेज-2 और सेक्टर-60 स्थित विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के कर्मचारी बड़ी संख्या में सुबह एकत्र हुए और उन्होंने वेतन संशोधन की अपनी काफी समय से लंबित मांग को लेकर नारेबाजी तथा प्रदर्शन किया।

उन्होंने कहा कि श्रमिक अन्य मांगों के साथ-साथ पड़ोसी राज्य हरियाणा की तर्ज पर वेतन वृद्धि की मांग कर रहे हैं।

सेक्टर-62 और सेक्टर-84 में भी मजदूरों ने सुबह से ही प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-9 को भी जाम कर दिया जिससे गाजियाबाद के निकट दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।

प्रदर्शन जल्द ही हिंसक हो गया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने संपत्ति में तोड़फोड़ की, पथराव किया और वाहनों में आग लगा दी।

अधिकारियों ने बताया कि गौतम बुद्ध नगर आयुक्तालय के अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की गई है।

अधिकारियों के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर नजर रखने के लिए मौके पर मौजूद हैं।

उन्होंने बताया कि स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में भारी पुलिस बल भेजा गया है।

पुलिस ने एक बयान में कहा, ‘‘स्थिति नियंत्रण में है और लगातार निगरानी की जा रही है। कर्मचारियों को समझाने और शांति बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जहां आवश्यक है, वहां न्यूनतम बल का इस्तेमाल किया जा रहा है।’’

अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की और आश्वासन दिया कि प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल की जा रही है।

गौतम बुद्ध नगर के अतिरिक्त श्रम आयुक्त राकेश द्विवेदी ने कहा कि श्रमिक मुख्य रूप से पड़ोसी हरियाणा की तर्ज पर वेतन वृद्धि के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘श्रमिकों की मांग है कि हरियाणा सरकार की तरह वेतन बढ़ाया जाए। इसके अलावा ओवरटाइम, भोजन और अन्य सुविधाओं से जुड़े मुद्दे भी हैं।’’

उन्होंने बताया कि आठ अप्रैल को हरियाणा सरकार ने अकुशल श्रमिकों का न्यूनतम वेतन 11,274.60 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 15,220 रुपये कर दिया था, जो एक अप्रैल से प्रभावी है।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कम वेतन और खराब कार्य परिस्थितियों के कारण उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ा।

एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि 12 घंटे की पाली में काम करने के बावजूद श्रमिकों को 11,000 से 15,000 रुपये तक ही वेतन मिलता है, जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो जाता है।

एक अन्य प्रदर्शनकारी नकुल सिंह ने आरोप लगाया कि कंपनियां सरकार के नियमों के अनुसार ओवरटाइम का भुगतान नहीं कर रही हैं, जिससे श्रमिकों में असंतोष है।

एक महिला श्रमिक ने वेतन भुगतान में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि श्रमिकों से अक्सर दोहरी पालियों के लिए हस्ताक्षर कराए जाते हैं, जबकि भुगतान एक ही पाली का किया जाता है।

उन्होंने कहा, ‘‘कार्य परिस्थितियां अक्सर बहुत कठिन होती हैं और इनमें सुधार की जरूरत है।’’

एक अन्य महिला प्रदर्शनकारी ने कहा कि बढ़ती महंगाई के मुकाबले श्रमिकों की आय नहीं बढ़ी है।

उन्होंने कहा, ‘‘हर चीज महंगी होती जा रही है, लेकिन हमारा वेतन 11,000-12,000 रुपये के आसपास ही है। इसे कम से कम 20,000-25,000 रुपये किया जाना चाहिए।’’

प्रदर्शनकारियों ने न्यूनतम वेतन बढ़ाने की भी मांग की और कहा कि 12 घंटे काम करने वाली महिलाओं को कम से कम 15,000 रुपये और पुरुषों को कम से कम 20,000 रुपये प्रतिमाह दिया जाना चाहिए।

यह पूछे जाने पर कि क्या श्रमिकों को अपने अधिकारों और मिलने वाले लाभों की जानकारी है, एक प्रदर्शनकारी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमें केवल वही नियम पता चलते हैं जो कंपनियां अपने गेट, दीवारों और नोटिस बोर्ड पर लगाती हैं।’’

यह हिंसा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गौतम बुद्ध नगर में श्रमिकों के कल्याण को मजबूत करने के लिए अनिवार्य दोगुना ‘ओवरटाइम’ भुगतान और समय पर वेतन सुनिश्चित करने जैसे कई उपायों की घोषणा के एक दिन बाद भड़की।

जिलाधिकारी मेधा रूपम ने रविवार को औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें कीं और श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।

उन्होंने निर्देश दिया कि काम जारी रखने के इच्छुक श्रमिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और प्रबंधन कर्मचारियों के साथ सरकार के नियमों के अनुरूप संवाद बनाए रखे।

उन्होंने घोषणा की कि श्रमिकों को बिना किसी कटौती के मानक दर से दोगुना ओवरटाइम भुगतान किया जाएगा और उन्हें साप्ताहिक अवकाश का अधिकार होगा। रविवार को काम करने की स्थिति में दोगुनी मजदूरी का भुगतान किया जाएगा, जबकि नियमों के अनुसार बोनस प्रदान किया जाएगा।

प्रशासन ने औद्योगिक इकाइयों को निर्देश दिया है कि कारखाने के गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरे चालू रहें और श्रमिकों की शिकायतों के निवारण और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाए।

सोमवार को दिल्ली के प्रमुख प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।

दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, अशांति फैलने से रोकने के लिए नोएडा को दिल्ली के विभिन्न हिस्सों से जोड़ने वाली सभी सड़कों पर, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के साथ प्रमुख सीमावर्ती बिंदुओं पर, कई टीमें तैनात की गई हैं।

वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि कड़ी निगरानी रखी जा रही है और वाहनों की जांच की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी असामाजिक तत्व विरोध प्रदर्शन की आड़ में शहर में प्रवेश न कर सके।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “दिल्ली पुलिस पूरी तरह सतर्क और चौकस है। सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर पर्याप्त बल तैनात किया गया है। किसी को भी कानून-व्यवस्था भंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।”

सीमा के प्रमुख बिंदुओं पर अवरोधक लगा दिए गए है और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल और अर्धसैनिक बलों सहित अतिरिक्त कर्मियों को तैनात किया गया है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वे स्थिति पर नजर रख रहे हैं और उत्तर प्रदेश के अपने समकक्षों के संपर्क में हैं।

श्रमिकों के प्रदर्शन के कारण नोएडा और ग्रेटर नोएडा में व्यापक यातायात जाम से लोगों को खासी दिक्कतों को सामना करना पड़ा। सेक्टर-62, राष्ट्रीय राजमार्ग-24, सेक्टर-63 और चिल्ला बॉर्डर जैसे प्रमुख मार्गों पर भारी यातायात जाम देखा गया। प्रदर्शनकारियों ने सेक्टर-62 को सेक्टर-16 और एनएच-9 से जोड़ने वाले मार्गों को अवरुद्ध कर दिया, जिसके चलते यातायात पुलिस को वाहनों का मार्ग परिवर्तन करना पड़ा और आवाजाही सामान्य करने के प्रयास किए गए।

यातायात पुलिस ने बाद में बताया कि चिल्ला बॉर्डर और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे सहित कई प्रमुख स्थानों पर यातायात धीरे-धीरे बहाल किया जा रहा है, जबकि सेक्टर-62 से गोलचक्कर की ओर यातायात फिर से शुरू हो गया है। अन्य प्रभावित इलाकों में भी स्थिति सामान्य करने के प्रयास जारी हैं।

दिल्ली जा रहे एक दफ्तरकर्मी प्रशांत शुक्ला ने बताया कि वह डीएनडी फ्लाईओवर पर घंटों फंसे रहे। उन्होंने कहा, ‘‘श्रमिकों के प्रदर्शन के कारण भारी जाम लग गया था। मुझे कार्यालय पहुंचने में करीब दो घंटे लग गए।’’

ग्रेटर नोएडा के एक अन्य यात्री ने बताया कि सेक्टर-62, फेज-2, चिल्ला बॉर्डर तथा राष्ट्रीय राजमार्ग-24 और 9 सहित कई इलाके बुरी तरह प्रभावित रहे।

उन्होंने कहा, ‘‘नोएडा सेक्टर-62 से सेक्टर-51 तक पूरा मार्ग प्रभावित रहा और दफ्तर जाने वाले लोग अपने-अपने वाहनों में फंसे रहे।’’

दादरी मेन रोड, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, फेज-2 औद्योगिक क्षेत्र तथा सेक्टर-16, 18, 63 और 64 समेत अन्य स्थानों से भी यातायात जाम की सूचना मिली।

भाषा राखी प्रशांत

प्रशांत