नोएडा, 28 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के नोएडा के बरौला गांव में लंबे अरसे से जलभराव की समस्या और मंगलवार को बारिश के बाद उत्पन्न स्थिति को लेकर नोएडा विकास प्राधिकरण ने दो कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दीं जबकि दो वरिष्ठ अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
नोएडा विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) कृष्णा करुणेश ने बताया कि ड्यूटी में लापरवाही और कार्य में शिथिलता बरतने के कारण कनिष्ठ अभियंता पार्थ राठौड़ और सुपरवाइजर मांगेराम की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गईं।
उन्होंने बताया कि जलभराव की स्थिति पर प्रभावी नियंत्रण नहीं रख पाने के कारण प्रबंधक (सिविल) करण सिंह त्यागी और प्रबंधक (जल/सीवर) रमेंद्र को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है।
अधिकारी ने बताया कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने प्राधिकरण के सभी वर्क सर्किल के अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए निर्देश दिया कि भविष्य में अगर किसी क्षेत्र में जलभराव या अन्य मूलभूत समस्याओं का समय पर समाधान नहीं किया गया तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
करुणेश ने बताया कि कार्यदायी संस्था मेसर्स वर्म इंडिया पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है और साथ ही संस्था को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा गया कि कार्य में लापरवाही और शिथिलता के लिए उसे क्यों न काली सूची में डाला जाए।
अधिकारी ने बताया कि प्राधिकरण नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
भाषा सं जितेंद्र
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