मणिपुर में जनगणना से पहले एनआरसी अद्यतन करने की मांग को लेकर 24 घंटे के बंद से जनजीवन ठप

मणिपुर में जनगणना से पहले एनआरसी अद्यतन करने की मांग को लेकर 24 घंटे के बंद से जनजीवन ठप

मणिपुर में जनगणना से पहले एनआरसी अद्यतन करने की मांग को लेकर 24 घंटे के बंद से जनजीवन ठप
Modified Date: September 1, 2026 / 11:59 am IST
Published Date: September 1, 2026 11:59 am IST

इंफाल, एक सितंबर (भाषा) जनगणना शुरू होने से पहले राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को अद्यतन करने की मांग को लेकर ‘कैम्पेन फॉर जस्ट एंड फेयर डिलिमिटेशन’ (जेएफसी) द्वारा बुलाए गए 24 घंटे के मणिपुर बंद से मंगलवार को राज्य के कम से कम पांच घाटी जिलों में जनजीवन प्रभावित रहा।

हड़ताल के कारण बाजार और कारोबारी प्रतिष्ठान बंद रहे, शैक्षणिक संस्थानों में भी ताले लटके रहे और सड़कों पर आवाजाही बेहद कम रही।

केंद्र सरकार ने सोमवार को नागरिक समाज संगठनों की मांग को देखते हुए मणिपुर में जनगणना की प्रक्रिया को टाल दिया। इसके बाद राज्य के गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजाम ने ‘कैम्पेन फॉर जस्ट एंड फेयर डिलिमिटेशन’ से बंद वापस लेने की अपील की।

राज्य में जनगणना की प्रक्रिया एक सितंबर से शुरू होनी थी।

राज्य में बाजार और व्यापारिक केंद्र बंद रहे और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। इंफाल ईस्ट, इंफाल वेस्ट, थौबल, बिष्णुपुर और काकचिंग जिलों में शैक्षणिक संस्थान बंद हैं। सार्वजनिक परिवहन भी सड़कों से नदारद रहा। हालांकि, कुछ निजी वाहन सड़कों पर दौड़ते दिखाई दिए।

थौबल जिले के याइरीपोक में बंद समर्थकों ने सड़कों के बीच बांस के खंभे लगा दिए, जिससे यातायात बाधित हो गया।

अधिकारियों ने बताया कि मणिपुर में एनआरसी को अद्यतन करने की मांग को लेकर बुलाए गए 24 घंटे के राज्यव्यापी बंद से मंगलवार सुबह कम से कम पांच घाटी जिलों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ।

जेएफसी ने सोमवार देर रात जारी एक बयान में कहा कि राज्य सरकार द्वारा जनगणना प्रक्रिया टाले जाने की जानकारी देने के बावजूद वह अपना राज्यव्यापी बंद जारी रखेगा, क्योंकि जनगणना टाले जाने को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है।

सोमवार शाम मुख्यमंत्री सचिवालय ने बताया था कि नयी दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद मणिपुर में जनगणना को टाल दिया गया है।

बैठक में मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला, मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

भाषा गोला मनीषा

मनीषा


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