सभी ‘मियां-मुस्लिम’ अज्ञात लोग नहीं हैं : मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा
सभी ‘मियां-मुस्लिम’ अज्ञात लोग नहीं हैं : मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा
गुवाहाटी, सात फरवरी (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने शनिवार को कहा कि सभी ‘मियां-मुस्लिम’ अज्ञात लोग नहीं हैं, क्योंकि जो लोग 1951 से पहले आए थे, वे मूल निवासी हैं।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इसमें कोई ‘‘सांप्रदायिक या धार्मिक’’ पहलू नहीं है।
अगले कुछ महीनों में होने वाले असम विधानसभा चुनावों से पहले शर्मा अक्सर ‘मियां’ मुसलमानों के खिलाफ तीखे हमले कर रहे हैं।
शर्मा ने यहां एक सरकारी कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, ‘‘सभी मियां-मुस्लिम अज्ञात लोग नहीं हैं। इनमें से कुछ 1951 से पहले आए थे और वे मूल निवासी हैं। एएएसयू और न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) बिप्लब शर्मा समिति ने भी इसे स्वीकार किया है।’’
शर्मा ने कहा कि ‘मियां’ का विरोध सांप्रदायिक मुद्दा नहीं है और इसका धर्म से कोई संबंध नहीं है।
हाल ही में बांग्ला भाषी मुसलमानों के खिलाफ अपनी टिप्पणियों के संदर्भ में उन्होंने कहा, ‘‘मैं कानून के दायरे में बोल रहा हूं।’’
‘मियां’ मूल रूप से असम में बांग्ला भाषी मुसलमानों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक अपमानजनक शब्द है। गैर-बांग्ला भाषी लोग इन लोगों को आमतौर पर बांग्लादेशी प्रवासी के रूप में पहचानते हैं।
भाषा शफीक दिलीप
दिलीप

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